नई दिल्ली । मध्य प्रदेश और मुंबई के बीच बैंगलुरू में रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है। मुंबई के 374 रन के जवाब में मध्य प्रदेश ने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने दमदार खेल दिखाया और मैच के तीसरे दिन मुंबई को बैकफुट पर ढकेल दिया। इसमें दो बल्लेबाजों की अहम भूमिका रही है। एक यश दुबे और दूसरे शुभम शर्मा। इन दोनों ने मुंबई के गेंदबाजों की जमकर धुलाई की और शतकीय पारी खेलते हुए मध्य प्रदेश को तीसरे दिन मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। शुभम 116 रन बनाकर आउट हो गए।

यह रणजी ट्रॉफी फाइनल का तीसरा शतक है। उनसे पहले मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान और मध्य प्रदेश के ओपनर यश दुबे ने शतक लगाया था। शुभम ने 2013 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। बीते 9 साल में उन्होंने सिर्फ 2 शतक लगाए थे। जबकि इस सीजन में वो चार सेंचुरी जमा चुके हैं। इससे पहले, मध्य प्रदेश को पहला झटका हिमांशु मंत्री के रूप में लगा था। वह 31 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद शुभम शर्मा ने दूसरे ओपनर यश दुबे के साथ दूसरे विकेट के लिए 222 रन की अहम साझेदारी की और मध्य प्रदेश को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

शुभम ने 215 गेंद में 116 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाया। उनकी पारी की बदौलत मध्य प्रदेश ने तीसरे दिन का खेल 368/3 के स्कोर पर खत्म किया। मध्य प्रदेश मुंबई से सिर्फ 6 रन पीछे है। शुभम शर्मा ने इस सीजन में शानदार बल्लेबाजी की है। अगर मध्य प्रदेश रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेल रहा है तो उसमें इस 28 साल का बल्लेबाज का अहम रोल है। शुभम इस सीजन में एक-दो नहीं, बल्कि चार शतक ठोक चुके हैं। फाइनल में उन्होंने सीजन की चौथी सेंचुरी लगाई है। इससे पहले, शुभम ने पंजाब के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 102 रन बनाए थे।

वहीं, मेघालय के खिलाफ 111 और गुजरात के खिलाफ भी उन्होंने शतकीय पारी खेली थी। फाइनल में उनका इस सीजन का यह चौथा शतक है। अगर विजय हजारे ट्रॉफी को भी जोड़ लें तो शुभम ने इस सीजन में पांच अर्धशतक भी जड़े हैं।