आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: जहां बुमराह और सिराज जैसे तेज गेंदबाजी से स्टंप्स को तोड़ देने वाली गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। तो वहीं, अश्विन और जडेजा अपनी स्पिन गेंदबाजी से बैटर्स को चकमा देने के लिए मशहूर हैं।

वर्ल्ड कप 2019 में 16 जून को मैनचेस्टर में इंडिया-पाकिस्तान का मैच हुआ। बाबर आजम को जब कुलदीप ने बोल्ड किया, वो लम्हा तो आपको याद होगा ही। ​​कुलदीप-अश्विन जैसे स्पिनर्स की घूमती गेंदों में सिर्फ आर्ट है, या इनके पीछे है कोई साइंस। जानिए साइंस ऑफ क्रिकेट में…

पहले देखिए ये ग्राफिक्स

स्पिन का साइंस क्या है?

गेंदबाजी के साइंस के पीछे लागू होता है बरनौली का मैग्नस इफैक्ट और न्यूटन का लॉ। मैग्नस इफैक्ट, स्पिन हो रही किसी भी चीज पर हवा के असर को बताता है। इसे ऐसे समझिए, बंदूक से निकली गोली अपने निशाने तक पहुंचने से पहले सीधा न जाकर, एक कर्व वाला रास्ता बनाती है। स्पिन गेंदबाज जब बॉल को अपने हाथों की ग्रिप से रिलीज करता है और मैग्नस इफैक्ट के तहत हवा उस पर असर करती है।

स्पिन गेंदबाजी में न्यूटन का तीसरा लॉ, यानी एक्शन के बदले रिएक्शन भी लागू होता है। जब बॉलर की तरफ से लगे फोर्स से बॉल पिच पर पड़ती है, तब पिच के रिएक्शन से उसकी दिशा तय होती है।

स्पिन में कैसे लागू होता है साइंस?

ऑफ स्पिन करते वक्त अश्विन उंगलियों से गेंद पकड़ते हैं और बॉल को दाईं तरफ स्पिन कराते हैं। इसकी रफ्तार 80 से 100 किमी/घंटा होती है यानी फास्ट बॉलिंग से 40-50 किमी/घंटा कम। जब बॉल जमीन से टकराती है तो गेंद और जमीन के बीच फ्रिक्शन पैदा होता है। यहां गेंद की रफ्तार कम होती है और न्यूटन का लॉ काम करता है।

घूमती हुई बॉल जमीन से टकराती है तो बॉल जमीन पर फोर्स लगाती है। इसी तरह जमीन भी बॉल पर रिएक्शन फोर्स लगाती है और बॉल उसी दिशा में घूम जाती है। यानी ऑफ स्पिन होती है। जडेजा की बॉलिंग में यही साइंस उल्टा अप्लाय होता है और गेंद बाईं ओर घूमती है।

एशिया कप के मैन ऑफ द सीरीज कुलदीप, क्या है इनकी स्पिन में खास

हाल ही में हुए एशिया कप में अपनी स्पिन के जादू से, भारत के इकलौते चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने सबको हैरान कर दिया। पूरे टूर्नामेंट में कुलदीप ने 9 विकेट लिए, जिससे वो मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। उनकी सबसे अच्छा परफॉर्मेंस थी पाकिस्तान के खिलाफ, जहां उन्होंने 8 ओवर में 25 रन देकर 5 विकेट लिए।