सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: नई दिल्ली। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के बाद महज 1,218 दिनों में वह काम कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मानती थी। शाह ने कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ था, तब दुनिया के कई राजनीतिक विश्लेषकों को आशंका थी कि अलग-अलग रियासतों और विविधताओं वाला देश एकजुट नहीं रह पाएगा, लेकिन सरदार पटेल ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया।
सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोया अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर भारत की राजनीतिक और भौगोलिक पहचान को आकार दिया। उनका योगदान केवल रियासतों के विलय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी। शाह के मुताबिक, पटेल ने इतने कम समय में ऐसा ऐतिहासिक कार्य किया, जिसे नेताओं का समूह भी शायद अपने पूरे जीवन में पूरा नहीं कर पाता। उन्होंने सरदार पटेल को एकजुट भारत का शिल्पकार बताया।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और अमित शाह ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शाह ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से ‘एकता दौड़’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 31 अक्टूबर को हर वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी।
2029 तक नशामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य अपने संबोधन में अमित शाह ने देश को नशामुक्त बनाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार, नशामुक्त भारत का निर्माण विकसित भारत के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और एकीकृत कर व्यवस्था जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया। शाह ने युवाओं और देश के भविष्य के लिए नशे के खिलाफ व्यापक जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
Hashtags: #NationalIndia #Bhopal #सरदार #पटेल #218 #दिनों #जोड़ा #अखंड #भारत #सरदारपटेलने1