सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। इन आरोपों को लेकर राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने सरकार तथा चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए कई स्तरों पर विरोध कार्यक्रमों की योजना बनाई है। हालांकि, 'वोट चोरी' से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि और कानूनी प्रक्रिया अलग विषय है। राहुल गांधी की रणनीति के दस प्रमुख बिंदु
1. सीईसी के इस्तीफे की मांग: राहुल गांधी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
2. सार्वजनिक महाभियोग जैसा विरोध: इंडिया गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। यह संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया नहीं है।
3. 'चलो दिल्ली' अभियान: राहुल गांधी ने लोगों और विपक्षी कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचकर विरोध में शामिल होने की अपील की है।
4. रामलीला मैदान में रैली: एक नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली प्रस्तावित है।
5. राष्ट्रपति को ज्ञापन: विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनावी अनियमितताओं की शिकायत की और कार्रवाई की मांग रखी।
6. एसआईआर पर रोक: विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
7. हटाए गए नाम बहाल करने की मांग: विपक्षी ज्ञापन में कथित रूप से हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग शामिल है।
8. बैलेट पेपर की वापसी: गठबंधन ने भविष्य के चुनावों में ईवीएम के स्थान पर मतपत्र से मतदान कराने की मांग उठाई है।
9. चुनाव संबंधी कानून में बदलाव: विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करने की मांग की है।
10. पिछले चुनावों की समीक्षा: विपक्ष ने उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी है, जिनमें उसके अनुसार वोट चोरी के ठोस प्रमाण मौजूद हैं।
बारिश के कारण कार्यक्रम में बदलाव इंडिया गठबंधन का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम पहले 30 अक्टूबर को होना था, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे 31 अक्टूबर तक टाल दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन के नेता सहमति से अगले दिन कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके साथ ही एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्रपति से भी की गई कार्रवाई की मांग 9 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। इसमें सीईसी के इस्तीफे, एसआईआर पर रोक, मतदाता सूची में नाम बहाल करने और मतपत्रों की वापसी सहित चार प्रमुख मांगें रखी गई थीं। राहुल गांधी ने कहा था कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा है।
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद विपक्ष जहां मतदाता सूची में गड़बड़ी और नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहा है, वहीं चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है। ऐसे में इस विवाद का केंद्र मतदाता सूची की पारदर्शिता, एसआईआर की प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था पर राजनीतिक दलों का भरोसा बना हुआ है।
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