सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट, कर्नाटक में भी नहीं खुला खाता
चार राज्यों में विधान परिषद (एमएलसी) की 28 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी केवल एक सीट जीत सकी, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 16 सीटों पर कब्जा जमाया। चुनाव में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन कर्नाटक में रहा, जहां सत्ता में होने के बावजूद पार्टी अपना खाता नहीं खोल सकी। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए इन चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा: कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को हराया। जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 मतों से पराजित किया। राज्य में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद चारों सीटों पर हार पार्टी के लिए अहम राजनीतिक झटका मानी जा रही है।
महाराष्ट्र में नागपुर से कांग्रेस को मिली एकमात्र जीत: महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले को 63,960 मत प्राप्त हुए। इस जीत के साथ कांग्रेस चार राज्यों की 28 सीटों में केवल एक सीट जीतने में सफल रही। नागपुर में भाजपा की हार इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि यह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह क्षेत्र है।
बिहार में जन सुराज ने खोला खाता: बिहार में जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद में पहली बार प्रवेश किया। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को 324 मतों से हराया। बिहार की आठ सीटों के चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों ने चार सीटें जीतीं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज को एक-एक सीट मिली। शेष दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। इन नतीजों से बिहार में भी कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा।
उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला। घोषित परिणामों के अनुसार भाजपा ने छह सीटें जीतीं, जबकि सपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा उम्मीदवार को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। चारों राज्यों के नतीजों में एनडीए को कुल 16 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस केवल एक सीट तक सीमित रही। चुनाव परिणामों ने क्षेत्रीय समीकरणों, उम्मीदवारों की लोकप्रियता और संगठन की सक्रियता की अहम भूमिका को फिर सामने रखा है।
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