सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बाप भी जाएगा’ से ‘जहरीले सांप तक खड़गे के बयानों पर क्यों मचा विवाद

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपने एक बयान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं। बिहार की राजधानी पटना में 25 अक्टूबर 2026 को डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इससे पहले भी खड़गे के कई बयानों पर विवाद हो चुका है। इनमें प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘जहरीले सांप’ जैसी उपमा, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर टिप्पणी तथा गुजरात के लोगों को लेकर दिया गया बयान शामिल हैं।

पटना में क्या हुआ? पटना में कार्यक्रम के दौरान खड़गे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं पर बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की। जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने बयान को अनुचित बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की। वहीं, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने खड़गे के बयान का बचाव किया। इस घटना के बाद उनके पुराने बयानों की भी चर्चा शुरू हो गई।

खड़गे के विवादित बयानों की टाइमला 6 अप्रैल 2026: भाजपा और आरएसएस की तुलना ‘जहरीले सांप’ से असम के करीमगंज जिले के नीलमबाजार में एक चुनावी सभा के दौरान खड़गे ने भाजपा और आरएसएस की तुलना जहरीले सांप से की। उन्होंने एक धार्मिक उदाहरण देते हुए लोगों से इन संगठनों को रोकने की अपील की। इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। 21 अप्रैल 2026: प्रधानमंत्री मोदी को ‘आतंकवादी’ कहने पर विवाद चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किया।

विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई दी कि उनका आशय यह था कि प्रधानमंत्री लोगों और राजनीतिक दलों को डराते हैं। उन्होंने इसे समानता और न्याय से जुड़ी अपनी राजनीतिक आलोचना के संदर्भ में रखा। 5 अप्रैल 2026: गुजरात के लोगों पर टिप्पणी केरल के इडुक्की में चुनावी सभा के दौरान खड़गे ने कहा कि वहां के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं तथा उन्हें आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता। इसी क्रम में गुजरात और अन्य जगहों के लोगों का उल्लेख करने पर विवाद हुआ। आलोचकों ने आरोप लगाया कि टिप्पणी से गुजरात के लोगों के प्रति अपमानजनक संदेश गया।

27 अप्रैल 2023: प्रधानमंत्री मोदी की तुलना जहरीले सांप से कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना जहरीले सांप से की थी। विवाद के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि भाजपा और उसकी विचारधारा थी। 29 नवंबर 2022: ‘100 सिर वाले रावण’ की टिप्पणी गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अहमदाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उन्हें ‘100 सिर वाला रावण’ कहा। इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने विरोध दर्ज कराया।

बयानों से तेज होती राजनीतिक तकरार खड़गे के इन बयानों पर भाजपा ने बार-बार आपत्ति जताई है और सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की मांग की है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने कई मौकों पर कहा है कि उनकी टिप्पणियां सरकार की नीतियों और राजनीतिक विचारधारा की आलोचना के संदर्भ में थीं। राजनीतिक भाषणों में तीखी भाषा का इस्तेमाल अक्सर विवाद को जन्म देता है। ऐसे मामलों में बयान के पूरे संदर्भ, वक्ता की सफाई और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं को साथ रखकर देखना जरूरी है।


Hashtags: #NationalIndia #Bhopal #बाप #जाएगा #जहरीले #सांप #खड़गे #बयानों #क्यों #बापभीजाएगासे