सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस | आईटीडीसी न्यूज़, भोपाल :नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में गोला-बारूद की मांग बढ़ने से भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ा अवसर मिला है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2022 से भारत ने यूरोपीय देशों को कम-से-कम 87.2 करोड़ डॉलर यानी लगभग 7,600 करोड़ रुपये का गोला-बारूद निर्यात किया। यह आंकड़ा युद्ध से पहले के चार वर्षों की तुलना में 1,600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।

दक्षिण कोरिया के बाद भारत रिपोर्ट के अनुसार, मध्य और पूर्वी यूरोप के 13 देशों को भारतीय गोला-बारूद की आपूर्ति का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा मिला। इस कारोबार में भारत की रैंकिंग 28वें स्थान से बढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस श्रेणी में दक्षिण कोरिया भारत से आगे है। हालांकि, यह रैंकिंग गोला-बारूद की आपूर्ति से संबंधित है, न कि यूरोप को होने वाले सभी प्रकार के हथियार निर्यात से। रक्षा उद्योग को मिला बढ़ावा भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों में तोप के गोले, मोर्टार बम, विस्फोटक सामग्री और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं। यूरोपीय देशों की बढ़ती रक्षा जरूरतों और भारत में घरेलू हथियार उत्पादन को प्रोत्साहन देने की नीति ने इस कारोबार को गति दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यूरोपीय खरीदारों के माध्यम से भारतीय निर्मित गोला-बारूद यूक्रेन तक भी पहुंचा है। भारत सरकार ने पहले कहा था कि भारत ने सीधे यूक्रेन को गोला-बारूद की आपूर्ति नहीं की। भारतीय निर्यात नियमों के तहत खरीदारों पर घोषित अंतिम उपयोगकर्ता संबंधी शर्तें लागू होती हैं।


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