सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर टकराव जारी रहने संबंधी बयान के बाद ओवैसी ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि अरुणाचल प्रदेश में वे कौन-कौन से स्थान हैं, जहां चीनी सैनिकों ने कथित तौर पर घुसपैठ की, भारतीय जवानों की गश्त और नागरिकों को रोका तथा वहां से पीछे हटने से इनकार किया। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि ऐसी स्थिति कितने समय से बनी हुई है और इस दौरान चीन के प्रति सरकार का रुख क्या रहा है।
सीमा की स्थिति पर रिपोर्ट की मांग ओवैसी ने सीमा पर जारी घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से विस्तृत और स्वतंत्र रिपोर्ट देश के सामने रखने की मांग की। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी अपील की। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलनी चाहिए।
आईटीबीपी प्रमुख के बयान से बढ़ी चर्चा आईटीबीपी प्रमुख ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ड्रोन प्लाटून, विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक पर जोर दिया है। इस बीच, विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थापित गश्त प्रक्रियाओं से विचलन होने पर स्थिति प्रभावित होती है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश सीमा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीमा पर वास्तविक स्थिति और कथित घटनाओं के विवरण को लेकर अब केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण की मांग तेज हो गई है।
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