आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजधानी के नजदीक गुनगा थाना क्षेत्र के हर्राखेड़ा गांव में शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल के गेस्ट टीचर सुसाइड केस में स्कूली छात्र सामने आया है। उसका दावा है कि शिक्षक छगन लाल उसे उकसाते थे। कहते थे शिक्षक आकाश यादव दिखे, तो उसे पीटना। दूसरे छात्रों को भी वह आकाश सर को पीटने के लिए उकसाया करते थे। इधर, गुनगा थाना पुलिस इस मामले में धारा 306 के तहत खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज करने की तैयारी में है।
दावा किया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक लोगों के अब तक बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें स्कूली बच्चे और साथी शिक्षक सहित ग्रामीण शामिल हैं। एफआईआर दर्ज होते ही स्कूल के प्राचार्य सहित तीनों शिक्षक अंडरग्राउंड हो गए हैं। जिनका नाम मृतक आकाश ने सुसाइड नोट में लिखा था।
आकाश यादव पुत्र गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में अतिथि शिक्षक थे। वह स्कूल से करीब चार सौ मीटर दूर किराए के मकान में रह रहे थे। मूल रूप से अशोक नगर के निवासी थे। बीते शनिवार सुबह जब वह स्कूल नहीं पहुंचे, तो उनके साथ काम करने वाले साथी शिक्षकों को चिंता हुई।
एक शिक्षक पता लगाने के लिए उनके घर पहुंचा, लेकिन दरवाजा भीतर से बंद मिला। कई बार कुंडी खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। कमरे में आकाश यादव फंदे पर मिले।
स्कूली छात्र ने क्या बताया
सरकारी टीचर अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल हर्राखेड़ा गांव के छात्र बृजेश योगी ग्राम खैराई ने बताया कि शिक्षक छगन लाल एक दिन आकाश सर से लड़ रहे थे। मैने उनसे लड़ने का कारण पूछा था। तब उन्होंने कहा कि वही मुझ से लड़ने का प्रयास कर रहा था। तुझे भी कभी दिखे, तो पीट देना। मैंने कहा कि मैं क्यों उन्हें मारूं। वह मैरे शिक्षक हैं। मेरे गुरू हैं। आप मुझे गलत काम न सिखाएं। इसके बाद छगन सर चले गए। स्कूल में सभी को पता है कि छगन सर बड़े सर और आकाश सर को परेशान करते थे।
स्कूली छात्र ने क्या बताया
सरकारी टीचर अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल हर्राखेड़ा गांव के छात्र बृजेश योगी ग्राम खैराई ने बताया कि शिक्षक छगन लाल एक दिन आकाश सर से लड़ रहे थे। मैने उनसे लड़ने का कारण पूछा था। तब उन्होंने कहा कि वही मुझ से लड़ने का प्रयास कर रहा था। तुझे भी कभी दिखे, तो पीट देना। मैंने कहा कि मैं क्यों उन्हें मारूं। वह मैरे शिक्षक हैं। मेरे गुरू हैं। आप मुझे गलत काम न सिखाएं। इसके बाद छगन सर चले गए। स्कूल में सभी को पता है कि छगन सर बड़े सर और आकाश सर को परेशान करते थे।
सुसाइड नोट में यह लिखा था
सुसाइड नोट में अतिथि शिक्षक ने लिखा है कि प्रिंसिपल उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल मुझसे विवाद करता है। उसने झूठी एफआईआर भी कराई है। मैं परेशान हूं। ये लोग मेरी जिंदगी खराब करना चाहते हैं। जॉइनिंग के समय प्रिंसिपल ने मुझसे रिश्वत मांगी थी। वह अन्य शिक्षकों से भी रिश्वत मांगते हैं और उनको परेशान करते हैं। मेरी उपस्थिति भी नहीं चढ़ा रहे हैं। तीन महीने सैलरी भी नहीं मिली है। सुसाइड नोट में लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। उसके जिम्मेदार प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय, नरेंद्र दुबे और छगनलाल शाह हैं।