सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल एलएन मेडिकल कॉलेज के जे.के. हॉस्पिटल में एक जटिल डायफ्रामेटिक हर्निया का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन किया गया। अस्पताल में इस प्रकार की सर्जरी पहली बार लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक की गई।
50 वर्षीय वय्यती जो कि पिछले लगभग पांच-छह महीनों से सांस फूलने की शिकायत, चलने पर सांस लेने में तकलीफ, सूखी खांसी की शिकायत से परेशान थे तथा मरीज सीधा लेट पाने में भी असमर्थ थे। जांच के दौरान उनके दाहिनी ओर का डायफ्रामेटिक हर्निया का पता चला। इसके लिए मरीज का लैप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष कृष्णानंद, अमित तिवारी, अक्षरा राठौर एवं एनेस्थीसिया विभाग के मनीष शिवानी एवं उनकी टीम द्वारा किया गया, ऑपरेशन सफल रहा तथा मरीज को ऑपरेशन के बाद किसी प्रकार की जटिलता नहीं हुई। पोस्ट-ऑपरेटिव अवधि में मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उनकी सांस संबंधी शिकायतों में भी सुधार देखा गया। और मरीज़ को तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डायफ्रामेटिक हर्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें डायफ्राम में बने दोष के कारण पेट के अंग छाती में पहुंच सकते हैं। वयस्कों में इसका निदान अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण हो सकता है और कुछ मामलों में मरीज लंबे समय तक सांस संबंधी लक्षणों के साथ चिकित्सकीय परामर्श लेते रहते हैं। ऐसे मामलों में उचित जांच और समय पर सर्जिकल उपचार महत्वपूर्ण होता है।
जे. के. हॉस्पिटल में इस तरह की सर्जरी का सफलतापूर्वक किया जाना संस्थान में उपलब्ध आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल सुविधाओं और विशेषज्ञता को दर्शाता है। इस उपलब्धि से जटिल सर्जिकल
स्थितियों के उपचार के लिए मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अस्पताल की सेवाओं को और मजबूती मिली है।
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