सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देशभर में चर्चित पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र के नासिक तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियों को मिले अहम सुरागों के बाद नासिक कनेक्शन सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब तक इस प्रकरण में 45 संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनसे लगातार पूछताछ जारी है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को ऐसे डिजिटल और वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले हैं, जिनके तार विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए हैं। नासिक में कुछ संदिग्धों के संपर्क और गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद विशेष टीमों ने वहां दबिश दी। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर तक इसकी पहुंच थी। मामले में कुछ कोचिंग संस्थानों और दलालों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।

सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं अभ्यर्थियों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। युवाओं का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड मिलना चाहिए।

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