सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दो साल पहले लागू किए गए इस नियम के बाद छात्रों की पढ़ाई में एकाग्रता और सहभागिता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। इस प्रतिबंध में केवल मोबाइल फोन ही नहीं, बल्कि स्मार्टवॉच जैसे डिजिटल उपकरण भी शामिल किए गए थे।

शिक्षकों के अनुसार, फोन बैन के बाद कक्षाओं में छात्रों का ध्यान भटकने की समस्या काफी हद तक कम हुई है। पहले जहां छात्र पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया और गेम्स में व्यस्त रहते थे, अब वे पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में अधिक रुचि ले रहे हैं। इससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग बच्चों की एकाग्रता और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में स्कूलों में फोन बैन जैसे कदम बच्चों के समग्र विकास के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

अभिभावकों ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ी है और वे अधिक अनुशासित हुए हैं। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि तकनीक से पूरी तरह दूरी बनाना भी सही नहीं है, इसलिए संतुलन जरूरी है।

कुल मिलाकर, स्कूलों में फोन और स्मार्टवॉच पर प्रतिबंध का असर सकारात्मक रहा है। इससे छात्रों की एकाग्रता, अनुशासन और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है, जो शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।

#स्कूलनियम #फोनबैन #छात्रएकाग्रता #शिक्षा #स्मार्टवॉच