आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रामदास अठावले ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। अठावले ने एमपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सभी 230 सीटों पर समर्थन देने की घोषणा की है। गुरुवार को अठावले भोपाल पहुंचे। उन्होंने दैनिक भास्कर से चर्चा की।

सवाल: MP चुनाव में RPI ने बीजेपी को समर्थन दिया है। चुनाव की क्या तैयारी है?

अठावले: मध्य प्रदेश में तैयारी अच्छी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विजय यात्रा निकल रही है। मैंने बीजेपी कार्यालय जाकर शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से चर्चा की है। हमने बताया कि पार्टी ने निर्णय लिया है कि हम मध्य प्रदेश की सभी सीटों पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) बीजेपी का समर्थन करेगी। एक भी सीट पर हम चुनाव नहीं लडेंगे, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने 9 साल में अच्छा काम किया है। शिवराज सिंह चौहान ने लोगों के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं, इसलिए विश्वास है कि भाजपा सत्ता में आएगी।

सवाल- अगर बीजेपी फिर सरकार में आती है, तो वर्कर्स को कहां एडजेस्ट करने को लेकर कुछ बात हुई है ?

अठावले: फिर से बीजेपी की सरकार यदि बनती है, तो सत्ता में भागीदारी देने के बारे में बात करेंगे। मंडल, कमेटियों में लेने के लिए बाद में हम चर्चा करेंगे। समर्थन देने की वजह से हमारे कार्यकर्ताओं को सत्ता में भागीदारी मिलेगी।

सवाल- लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की स्थिति किस तरीके से देखते हैं?

अठावले: मुझे लगता है कि विपक्ष की जो भूमिका है। कई लोग मोदी को हराने के लिए एक साथ आए हैं। अलग-अलग विचारधारा के लोग, अलग-अलग विचारधारा के लोग, एक-दूसरे पर लोग आरोप लगाने वाले लोग.. एक दूसरे को जेल डालने में वाले लोग एक साथ आए हैं।

लेकिन, जनता समझती है कि सवा 9 साल में जो प्रगति हुई है। 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के अकाउंट बैंक में खुले हैं। 36 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुद्रा योजना से लोन मिला है। 9 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन मिला है। 4 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान मिला है। आयुष्मान योजना में हर परिवार को सालाना पांच लाख तक आयुष्मान भारत योजना से इलाज की सुविधा मिली है। उसमें हिंदू, मुसलमान, दलित, आदिवासी सभी वर्गों को इसका फायदा हुआ है, इसलिए जनता हमारे साथ है। हमें मध्य प्रदेश की चिंता नहीं है। हम ताकत से चुनाव जीतेंगे और जो विपक्षी गठबंधन वाले लोग हैं उनका एजेंडा सिर्फ मोदी को हराना है।

सवाल- लोकसभा के चुनाव में विपक्षी गठबंधन और आपका कितना स्कोर रहेगा?

अठावले: हमें यह लगता है कि हम 350 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। क्योंकि लोगों का मन नरेंद्र मोदी के तरफ है। जो विपक्षियों का एजेंडा एक ही है, नरेंद्र मोदी का विरोध करना है, इसलिए जनता जानती है और वह बीजेपी का समर्थन करेगी।

सवाल- राहुल गांधी को आप किस तरह देखते हैं? भारत जोड़ो यात्रा के बाद भी कुली, मैकेनिक समेत तमाम वर्गों से मिल रहे हैं?

अठावले: मुझे लगता है किसको-किस से मिलना है, वह अधिकार राहुल गांधी का है। उनके तरफ लोगों को खींचने का अधिकार है। उनके पार्टी का वोट बैंक बढ़ाने का उनका अधिकार है, लेकिन राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी इनमें बहुत बड़ा अंतर है। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने का मौका नहीं मिलेगा।

जब मौका आया था, तो सोनिया गांधी ने उनको नहीं बनाया। दूसरी बार में राहुल गांधी को बनाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने नहीं बनाया। अब उन्हें कभी मौका मिलेगा ऐसा नहीं लगता। नाटक करने में बहुत मशहूर हैं। रेलवे स्टेशन जाकर वह हम्माल भी बनते हैं। मोटर साइकिल पर भी चलते हैं। उनका काम वे कर रहे हैं लेकिन उसका उनको फायदा मिलने वाला नहीं है।

सवाल- शरद पवार ने फिलिस्तीन का समर्थन किया, उसके बाद हिमंता विश्वा सरमा ने कहा कि सुप्रिया सुले को हमास के लिए युद्ध लड़ने के लिए भेजेंगे, पर पर क्या कहेंगे?

अठावले: नरेंद्र मोदी ने जो निर्णय लिया है कि इजराइल को सपोर्ट करने की जरूरत है। जैसे- अमेरिका और कई देशों ने इजराइल का समर्थन किया। इजरायल की गाजा पट्टी पर हमास और फिलिस्तीनियों ने कब्जा कर लिया है। इस तरह पहली बार हमास ने इजराइल पर हमला किया है, इसलिए नरेंद्र मोदी ने जो भूमिका ली है। वह सही भूमिका है, लेकिन शरद पवार जो सीनियर नेता हैं। हम उन्होंने फिलिस्तीन का समर्थन किया, वह यह ठीक नहीं है। अगर शरद पवार फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए जो हमारे असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा सरमा ने कहा कि सुप्रिया सुले को हमास के समर्थन में भेजना चाहिए। उनका स्टेटमेंट सही है।

सवाल- विपक्षी गठबंधन, विधानसभा चुनाव में अलग-अलग लड़ रहे हैं क्या यह लोकसभा चुनाव तक रह पाएगा?

अठावले: यह गठबंधन तो रहेगा, लेकिन इनमें सीटों को लेकर बहुत विवाद होगा। हर पार्टी सीटें मांगेगी। उनके बीच एक दिक्कत यह है कि एक पार्टी का फायदा होगा। दूसरी पार्टी का नहीं होगा। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी है। वहां शरद पवार की पार्टी का कोई उपयोग नहीं है। कांग्रेस का थोड़ा उपयोग हो सकता है।

बाकी की जो दूसरी पार्टी हैं। नीतीश कुमार की पार्टी है। सीपीआई, सीपीएम है उन लोगों का कोई विशेष फायदा होना नहीं है। फिर हमारे महाराष्ट्र में फिर तीन पार्टियां हैं उद्धव ठाकरे की शिवसेना है, राष्ट्रवादी कांग्रेस है, कांग्रेस है। बाकी पार्टियों का वहां कोई उपयोग नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि इनका गठबंधन टूटेगा नहीं। लेकिन, इसमें तालमेल ठीक नहीं रहेगा।वहां रिवील कैंडिडेट भी बहुत ज्यादा खड़े रहेंगे। इसका हमें बहुत ज्यादा फायदा होगा।