सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: भोपाल के स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय चिकित्सा विज्ञान में प्रमुख महिला वैज्ञानिकों का योगदान विषय पर एसीएसआईआर साइंस क्लब द्वारा एक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने बताया कि (बीएमएचआरसी) में साइंस क्लब की स्थापना पीएचडी छात्रों के लिए की गई है और महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाना समाज की उन्नति के लिए आवश्यक है। श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं में उतनी हिम्मत होती है, जितनी पुरुषों में नहीं, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना चाहिए। कार्यक्रम में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिसर्च स्कॉलर शायना बेग ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें भारतीय चिकित्सा क्षेत्र की 20 प्रमुख महिला वैज्ञानिकों के योगदान और उनके साहस को दिखाया गया। उन्होंने बताया कि इन वैज्ञानिकों ने प्रयोगशालाओं में बंदिशों को तोड़ा, कैंसर अनुसंधान और जैव प्रौद्योगिकी में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।

पैनल में ज्योत्सना जैन, अजी कोशी, नेहल शाह और उसरी सेनगुप्ता ने भाग लिया, जबकि संचालन सोनम ने किया। पैनल में मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद, चिंता, पीटीएसडी और संतुलित जीवन शैली के महत्व पर चर्चा हुई। नेहल शाह ने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के संतुलन पर जोर दिया, जबकि अजी कोशी ने महिलाओं के सामाजिक भूमिकाओं और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। सेनगुप्ता ने परिवारिक समस्याओं के प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव को समझने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का समापन कनिका सुहाग, सह-प्राध्यापक एवं अध्यक्ष विज्ञान क्लब समिति ने आभार व्यक्त करते हुए किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए महिला वैज्ञानिकों के योगदान को जानने और महिलाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने का ज्ञानवर्धक अवसर साबित हुआ।

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