दिल्ली में पटाखों की वैध बिक्री खत्म, अवैध विक्रेता आधी रात तक सक्रिय
नई दिल्ली: दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई पटाखों की सीमित बिक्री की समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। तय नियमों का पालन करते हुए लाइसेंसधारी दुकानदारों ने बिक्री बंद कर दी, लेकिन कई बाजारों में अवैध विक्रेता देर रात तक पटाखे बेचते नजर आए। इससे राजधानी में अदालत के आदेशों के पालन और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिक्री के अंतिम दिन जामा मस्जिद के पास पाईवालान इलाके में खरीदारों की भारी भीड़ रही। लोग समयसीमा समाप्त होने से पहले पटाखे खरीदने पहुंचे। हालांकि, अधिकृत दुकानों के बाहर और आसपास बिना लाइसेंस के पटाखों की बिक्री भी जारी रही। रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले पाईवालान में 50 से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले खुलेआम पटाखे बेच रहे थे। सदर बाजार, भागीरथ पैलेस, चांदनी चौक और करोल बाग में भी ऐसी गतिविधियां देखी गईं।
अवैध बिक्री को लेकर सबसे बड़ी चिंता पटाखों की गुणवत्ता और उनकी प्रमाणिकता को लेकर है। इन स्थानों पर बिक रहे पटाखों की जांच नहीं होने से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वे वास्तव में प्रमाणित ग्रीन पटाखे थे या प्रतिबंधित पारंपरिक पटाखे। लाइसेंसधारी दुकानदारों ने नियमों का पालन करने के बावजूद अवैध विक्रेताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 4 से 6 नवंबर तक निर्धारित स्थानों पर केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी थी। 7 और 8 नवंबर को इनके इस्तेमाल के लिए सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक का समय तय किया गया है। 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू होना है।
अदालत ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और अवैध पटाखों की जब्ती के निर्देश दिए हैं। ऐसे में बिक्री की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी अवैध कारोबार जारी रहने की खबरें प्रशासन के लिए चुनौती बन गई हैं।
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