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भारतीय मूल के अनिल मेनन ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, ISS को मिला नया सोलर पैनल

सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल:

भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के पावर सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्पेसवॉक पूरा किया है। 5 नवंबर 2026 को कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक के साथ उन्होंने करीब 6 घंटे 59 मिनट तक अंतरिक्ष में रहकर स्टेशन का आठवां और अंतिम रोल-आउट सोलर एरे स्थापित किया। इस उपलब्धि के साथ अंतरिक्ष स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने का एक बड़ा अभियान पूरा हो गया।

रोबोटिक आर्म की मदद से लगाया सोलर एरे

इस मिशन के दौरान अनिल मेनन ने अंतरिक्ष स्टेशन की विशाल रोबोटिक भुजा Canadarm2 की मदद से सोलर एरे को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और स्थापित करने का काम किया। यह सोलर पैनल स्टेशन के 3B पावर चैनल पर लगाया गया। इसका उद्देश्य स्टेशन को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि वैज्ञानिक प्रयोगों और नियमित संचालन में सहायता मिल सके।

30 प्रतिशत तक बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता

नासा के अनुसार, नए रोल-आउट सोलर एरे स्थापित होने से अंतरिक्ष स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 160 किलोवाट से बढ़कर 215 किलोवाट हो जाएगी। इससे स्टेशन को करीब 30 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली मिलेगी। वर्ष 2021 से चल रहे इस अभियान के तहत आठ सोलर एरे लगाने का काम पूरा किया गया है।

अनिल मेनन का पांचवां स्पेसवॉकयह अनिल मेनन का पांचवां स्पेसवॉक था, जबकि जोशुआ कुट्रिक ने दूसरी बार अंतरिक्ष में बाहर निकलकर काम किया। नासा के मुताबिक, यह अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण, रखरखाव और अपग्रेड के समर्थन में 286वां स्पेसवॉक था।

केरल मूल के परिवार से संबंध रखने वाले अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ था। वह पेशे से डॉक्टर और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्री हैं। इस मिशन के साथ उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया है।


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