सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को लेकर अक्सर यह धारणा रहती है कि सफल होने के लिए रोज 10 से 16 घंटे पढ़ाई करना जरूरी है। हालांकि, विशेषज्ञों और सफल अभ्यर्थियों का मानना है कि पढ़ाई के घंटों से ज्यादा जरूरी सही रणनीति, निरंतरता और रिवीजन है। अगर कोई अभ्यर्थी रोज करीब 6 घंटे भी पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करता है, तो बेहतर योजना के साथ UPSC की तैयारी की जा सकती है।

तैयारी की शुरुआत NCERT और बेसिक किताबों से की जा सकती है। इसके बाद विषयवार मानक पुस्तकों को सीमित रखते हुए बार-बार रिवीजन करना ज्यादा प्रभावी रहता है। रोज के छह घंटे को अलग-अलग हिस्सों में बांटना उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए दो घंटे मुख्य विषय, डेढ़ घंटे करेंट अफेयर्स और नोट्स, डेढ़ घंटे वैकल्पिक विषय तथा एक घंटा MCQ और उत्तर लेखन के लिए रखा जा सकता है।

UPSC की तैयारी में केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है। प्रीलिम्स के लिए नियमित टेस्ट और गलत सवालों का विश्लेषण जरूरी है, जबकि मेन्स के लिए उत्तर लिखने का अभ्यास लगातार करना चाहिए। सप्ताह में एक दिन पूरे सप्ताह की पढ़ाई का रिवीजन किया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पढ़ाई के घंटों की तुलना दूसरे अभ्यर्थियों से करने के बजाय अपनी क्षमता और लक्ष्य के अनुसार स्थिर रूटीन बनाया जाए। छह घंटे की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, लंबे लेकिन अनियमित अध्ययन से अधिक प्रभावी हो सकती है।


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