सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी आपदा के बाद चीन के 12 दिन पहले चेतावनी देने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, चीन के विश्व मौसम विज्ञान केंद्र ने आपदा से करीब 12 दिन पहले नेपाल के अधिकारियों को ईमेल भेजा था, लेकिन इसमें किसी ग्लेशियर के टूटने या ग्लेशियल झील के फटने की स्पष्ट चेतावनी नहीं दी गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, ईमेल में मुख्य रूप से भारी बारिश और संभावित भूस्खलन की आशंका जताई गई थी। इसमें उस विशेष ग्लेशियर या ग्लेशियल खतरे की भविष्यवाणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, जिसके बाद नेपाल में अचानक भारी तबाही हुई। इसी वजह से चीन के इस दावे को कि उसने आपदा से 12 दिन पहले पर्याप्त चेतावनी दे दी थी, पूरी तरह सही मानना उचित नहीं है। इस घटना के बाद नेपाल ने चीन से हिमालयी क्षेत्र में मौसम, ग्लेशियर और बाढ़ से जुड़े रीयल-टाइम डेटा साझा करने की मांग भी की है। दोनों देशों के बीच पहले से ही हिमालयी आपदाओं की निगरानी और शुरुआती चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा होती रही है। मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समय रहते सटीक ग्लेशियर अलर्ट मिलने पर संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
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