सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होने आ रहे हैं। यह उनका करीब सात साल बाद भारत दौरा होगा। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात भी होने की संभावना है। दोनों नेताओं की बैठक में सीमा, व्यापार और आर्थिक संबंधों पर चर्चा अहम मुद्दे रह सकते हैं।
भारत के लिए चीन के साथ रिश्तों में सुधार का सबसे बड़ा फायदा व्यापार और निवेश के मोर्चे पर हो सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार हाल के वर्षों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा है, जबकि निवेश और कारोबारी गतिविधियों पर लगी कुछ पाबंदियों में भी धीरे-धीरे ढील दी गई है। हालांकि, तकनीक, निवेश और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत अब भी सतर्क रुख रखता है।
BRICS के मंच पर भारत डिजिटल भुगतान, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था जैसे मुद्दों को आगे बढ़ा रहा है। UPI को BRICS देशों के बीच सीमा-पार भुगतान से जोड़ने की पहल भारत के लिए बड़ा आर्थिक अवसर बन सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान की लागत घटाने और भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली का वैश्विक विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज मजबूत करने और ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। हालांकि, चीन के साथ भरोसे की कमी और सीमा विवाद के कारण किसी बड़े समझौते की उम्मीद फिलहाल सावधानी से ही देखी जा रही है।
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