Photo: Amitbalani / Wikimedia Commons (CC0). Cropped. | फोटो: Amitbalani / विकिमीडिया कॉमन्स (CC0)। तस्वीर काटी गई है।
दीपावली की भीड़ ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना आने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख के ऊपर पहुंचा दी है। सामान्य दिनों में यह आंकड़ा करीब 60 हजार रहता है। इस दबाव को संभालने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों के साथ सुरक्षा घेरा कस दिया है, जिसमें जवानों के साथ कैमरों की भूमिका साफ दिखती है।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि स्टेशन पर 13 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे और पांच फेस रिकग्निशन कैमरे सक्रिय हैं। उनके मुताबिक ये कैमरे भीड़ का फायदा उठाने वाले अपराधियों की पहचान में मदद करेंगे। आरपीएफ, जीआरपी और कमर्शियल विंग मिलाकर हर शिफ्ट में करीब 30 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। प्लेटफॉर्म एक और छह पर एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं ताकि यात्री व्यवस्थित तरीके से अंदर-बाहर हों।
इसी योजना में अनाउंसमेंट और स्पेशल ट्रेनें भी हैं। शनिवार की रिपोर्टिंग में भीड़ से जुड़ी करीब 20 स्पेशल ट्रेनों का जिक्र है; भोपाल मंडल ने पहले पूजा-दीवाली-छठ अवधि के लिए 12 जोड़ी स्पेशल की घोषणा की थी। इस सप्ताह की अलग खबरों में अतिरिक्त ट्रेन के बावजूद भीड़ और आरक्षित कोचों में बिना टिकट यात्रियों की शिकायत भी दर्ज हुई।
जुड़ा सवाल औजारों के चुनाव का है। त्योहारी भीड़ हर साल आती है। भोपाल स्टेशन पर नया यह है कि सामान्य आरपीएफ तैनाती के साथ एआई भीड़ कैमरे और चेहरा मिलान अब खुलकर सामने हैं। अधिकारी दोनों को भीड़ नियंत्रण और अपराध रोकथाम बताते हैं। फेस मैच के बाद भी कार्रवाई मनुष्यों पर निर्भर रहती है; कैमरे का अलर्ट अपने आप अपराध साबित नहीं करता।
यात्रियों के लिए परीक्षा यह है कि व्यवस्थित एंट्री और अतिरिक्त ट्रेनें दबाव कम करती हैं या नहीं। शहर के लिए दीवाली की भीड़ स्टेशन सुरक्षा में एल्गोरिदमिक निगरानी की भी एक परीक्षा बन गई है।
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