सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अब जलवायु के लिए: प्रकृति से सीखने का समय
भोपाल ग्रीन डोनर एवं द इको-अर्थ इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (EERC India) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीन डोनर प्रकृति उत्सव ’26 भोपाल में प्रेममय एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे हरित वीरों ने माँ प्रकृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में विशेष संबोधन देते हुए हरित वीर वाहिनी के राष्ट्रीय ध्वज वाहक, पर्यावरणविद् एवं शोध-पंडित वीरजी ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य ने माँ प्रकृति के साथ अपना संबंध मुख्यतः एक उपभोक्ता (Consumer) का बना लिया है और अब इस संबंध को बदलने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा, “अब हमें माँ प्रकृति के साथ अपने रिश्ते में Consumer से Donor की ओर बढ़ना होगा। प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे लौटाने की संस्कृति विकसित करनी होगी।”
वीरजी ने ग्रीन डोनर की इस वर्ष की थीम #NowforClimate का उल्लेख करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि हमारे वर्तमान की वास्तविकता है। इसलिए अब हमें Inspired by Nature, For Climate, For Our Future की भावना के साथ आगे बढ़ना ही होगा। यदि आज हमने जिम्मेदार जीवन-पद्धति नहीं अपनाई, तो भावी पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की संभावनाएं लगातार क्षीण होती जाएंगी।
विगत लगभग ढाई दशकों से पर्यावरणीय चेतना के प्रसार में सक्रिय ग्रीन डोनर परिवार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, बिहार और महाराष्ट्र सहित देश के लगभग 14 राज्यों तक अपना विस्तार कर चुका है। संगठन प्रतिवर्ष हरित वीरों के साथ मिलकर माँ प्रकृति से अपने संबंध को पुनर्जीवित करता है तथा पर्यावरण संरक्षण के नए कार्यक्रमों, योजनाओं और जनभागीदारी की संभावनाओं पर कार्य की रूपरेखा तैयार करता है।
प्रकृति उत्सव ’26 का शुभारंभ ग्रीन डोनर महाभोपाल इकाई की ओर से संगठन की निदेशक राधिका वीरेंद्र ने किया। उन्होंने ग्वालियर, विदिशा, नर्मदापुरम, मालवा संभाग, सागर, अशोकनगर, राजगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हरित वीर भाई-बहनों को माँ हरितिमा की रक्षा की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर ग्रीन डोनर के सामाजिक मंच GD Commons — [www.gdcommons.in](http://www.gdcommons.in) का भी लोकार्पण किया गया। यह मंच पूर्ण रूप से हरित जीवन, पर्यावरणीय गतिविधियों और समाज में सकारात्मक हरित प्रयासों के प्रसार को समर्पित है। देशभर से कोई भी व्यक्ति इस मंच से जुड़कर अपने हरित कार्यों और अनुभवों को जनसामान्य तक पहुंचा सकता है।
कार्यक्रम में लोकप्रिय गायिका हरित वीर रूपा एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत लाइव भजन संध्या ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। माँ प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े भजनों के बीच उपस्थित हरित वीर भाव-विभोर हो उठे।
भोपाल इकाई की समन्वयक हरित वीर डॉ. प्रेम, हरित वीर इरा, हरित वीर प्रगति, हरित वीर देवश्री, हरित वीर मो. कमर, हरित वीर रूपा, हरित वीर प्रशांत, हरित वीर राजू, हरित वीर विनोद, हरित वीर विशाखा, हरित वीर आयुष, हरित वीर वृंदा, हरित वीर लक्ष्मी सहित बड़ी संख्या में हरित वीर आयोजन में सहभागी रहे।
कार्यक्रम का आयोजन गोंदरमऊ मार्ग स्थित वुड्स इन रिसॉर्ट्स, भोपाल में किया गया। लगातार वर्षा के बावजूद हरित वीरों का उत्साह कम नहीं हुआ और माँ प्रकृति के प्रति उनका समर्पण पूरे आयोजन में दिखाई दिया।
नेचर ऑन पेपर’ के विजेताओं का सम्मान
ग्रीन डोनर की वार्षिक ड्रॉइंग गतिविधि ‘Nature on Paper — हरित सृजन: कागज़ पर प्रकृति’ के जूनियर वर्ग में हरित वीर केशव श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश ने प्रथम तथा हरित वीर ऋषिका मोदी, मध्य प्रदेश ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतिभागियों को प्रकृति उत्सव ’26 के अवसर पर सम्मानित किया गया।
वार्षिक सम्मान श्रृंखला के अंतर्गत पर्यावरण एवं संगठन के लिए विशेष हरित सेवा प्रदान करने वाले झांसी के हरित वीर अखिलेश तथा भोपाल की हरित वीर विशाखा उषा को टीम मेंबर के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं अशोकनगर की हरित वीर पूनम (बबली) को स्पेशल मेंबर के रूप में सम्मान प्रदान किया गया।
प्रदेशभर में हरित गतिविधियों को आगे बढ़ाने और ग्रीन डोनर के उद्देश्यों के प्रति उल्लेखनीय योगदान के लिए ग्रीन डोनर पिछोर इकाई को ‘हरित वीर सेवा सम्मान’ प्रदान किया गया, जिसे इकाई की ओर से हरित वीर प्रशांत ने ग्रहण किया।
प्रकृति उत्सव ’26 ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जलवायु संकट का समाधान केवल नीतियों या तकनीक में नहीं, बल्कि मनुष्य और माँ प्रकृति के रिश्ते में परिवर्तन से भी निकलेगा—एक ऐसा परिवर्तन जिसमें हम प्रकृति के केवल Consumer नहीं, बल्कि Donor बनें।
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