Vivek Sarje / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0). Cropped.
मध्य प्रदेश सरकार के 30 से अधिक विभागों की वेबसाइटें करीब एक सप्ताह से बंद हैं। आईटी विभाग का कहना है कि जरूरी साइटें फिर चालू होने में और चार से पांच दिन लग सकते हैं। दीपावली के हफ्ते में राजस्व रिकॉर्ड, भर्ती सूचनाएं और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की जरूरत बढ़ती है, तब यह ठहराव आया है।
प्रभावित विभागों में गवर्नमेंट प्रेस, जेल, राजस्व, ऊर्जा, उद्योग, सहकारिता, खनिज, खाद्य और सामाजिक न्याय शामिल बताए गए हैं। मप्र-सर्ट की एडवाइजरी के बाद जांच में कई साइटों पर पुराने पीएचपी वर्जन और पुराने सर्वर मिले। अधिकारियों का कहना है कि संभावित हैकिंग और डेटा चोरी रोकने के लिए पोर्टल बंद कर पैच, अपग्रेड और कुछ सेवाओं का क्लाउड माइग्रेशन चल रहा है।
यह कदम एहतियाती बताया गया है, किसी पुष्ट सफल हमले का प्रमाण नहीं। अक्तूबर के अंत में फ्री प्रेस जर्नल ने बताया था कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने पीएचपी सुरक्षा पर एडवाइजरी जारी की थी, और एमपी-सर्ट के वैभव श्रीवास्तव ने तब कहा था कि राज्य में नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई। उसी चेतावनी के बाद पहले भी साइटें अस्थायी रूप से बंद हुईं और चरणबद्ध बहाल हुईं।
सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख सचिव एम. सेलर्वेंद्रन का कहना है कि ओपन सोर्स पीएचपी साइटों को सरकारी सुरक्षित बैंडविड्थ पर शिफ्ट किया जा रहा है और निजी एजेंसियों से बनी विभागीय साइटें भी बदली जा रही हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सुरक्षा की बड़ी चुनौती बताया। साइटें बंद रहने से राजस्व के काम, भर्ती और अधिसूचनाओं की जानकारी प्रभावित हो रही है।
नागरिकों के लिए यह केवल तकनीकी सलाह नहीं। त्योहारी सप्ताह की कई सेवाएं उन्हीं पोर्टलों पर टिकी हैं जिन्हें राज्य ने पैच पूरा होने तक बंद रखा है। अधिकारियों के मुताबिक बहाली चरणबद्ध होगी; शनिवार के अपडेट में खुली और बंद साइटों की पूरी सूची नहीं दी गई।
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