सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में लैंगिक उत्पीड़न से रोकथाम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl इसमें मुख्य वक्ता डॉ. प्रतिभा पांडे सदस्य, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, भोपाल मुख्य रूप से उपस्थित रही l कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी)द्वारा किया गया l इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के कर्मचारियों अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में लैंगिक उत्पीड़न के कानूनी पहलुओं से जागरूक करना था l इस अवसर पर मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुल सचिव अरुण सिंह चौहान, निर्देशक डॉ रतन सूर्यवंशी तथा भोज मुक्त विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष समेत सभी सदस्य तथा कर्मचारी, अधिकारी और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे l

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ प्रतिभा पांडे ने कहा कि वैसे तो सभी लोग कार्य स्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न शिकायत निवारण एवं प्रतितोषण अधिनियम 2013 से परिचित होंगे, लेकिन फिर भी इसके कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को जानना हमारे लिए आवश्यक हैl उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के बारे में सभी को पता होना चाहिएl डॉ. पांडे ने इस अधिनियम को बनाए जाने की पृष्ठभूमि तथा सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला दिया और बताया कि किस प्रकार विशाखा गाइडलाइंस के आधार पर इस अधिनियम का निर्माण किया गया है l उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत करने तथा उसका निवारण प्राप्त करने और उसकी क्षतिपूर्ति को भी सुरक्षित करता है l उन्होंने कहा कि जब महिलाएं कार्य हेतु घर से बाहर निकलतीं हैं तो कई अवसरों पर उनके साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट यानी लैंगिक उत्पीड़न होता है l उन्होंने कहा कि कार्यस्थल का मतलब केवल आपका ऑफिस या कार्यालय ही नहीं है बल्कि यदि आपको किसी कार्य से बाहर भी भेजा जाता है तो भी वह आपका कार्य स्थल की परिभाषा में होता है l उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने दायित्वों का भी भान होना चाहिएl डॉक्टर पांडे ने कहा कि इस अधिनियम के तहत हर संस्थान को जिसमें 10 से अधिक व्यक्ति काम करते हो वहां पर एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना आवश्यक है और इस आंतरिक शिकायत कमेटी की पूरी सूचना अध्यक्ष और सदस्यों के नाम और उनके मोबाइल नंबर सहित कार्यालय में ऐसी जगह प्रदर्शित किया जाए ,जहां से आम लोगों का आना-जाना होता है l उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक शिकायत समिति के साथ-साथ एक स्थानीय शिकायत समिति भी गठित होती है जिसमें कोई भी महिला शिकायत कर सकती हैl उन्होंने उपस्थित कर्मचारी को आंतरिक शिकायत समिति से किस प्रकार शिकायत की जाए उसकी क्या प्रक्रिया होगी और आंतरिक शिकायत समिति को किस प्रकार जांच कर अपना प्रतिवेदन तैयार करना चाहिए इस बारे में भी विस्तार से समझाया l डॉ. प्रतिभा पांडे ने प्रतिभागियों के विभिन्न प्रश्नों और उनकी शंकाओं का भी समाधान किया l डॉ. प्रतिभा ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संस्था प्रमुख को आंतरिक शिकायत समिति की अनुशंसाओं को 60 दिनों में लागू करना होता हैl यदि कोई आंतरिक शिकायत समिति के निर्णय से सहमत नहीं हो तो उसको उच्च न्यायालय में चैलेंज किया जा सकता है l

भोज मुक्त विश्वविद्यालय में लैंगिक उत्पीड़न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय की अंतरिक शिकायत समिति के सदस्य डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी ने भी अपने विचार व्यक्त किये l उन्होंने महिलाओं से आवाहन किया कि यदि आपके साथ किसी प्रकार का लैंगिक उत्पीड़न हो तो आप बेझिझक आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं l उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने सहकर्मियों की पहचान ठीक से करनी चाहिए इससे उनके चरित्र के बारे में उन्हें पहले पता लग जाएगा और इस अनुरूप हुआ उसके साथ व्यवहार करेंगेl कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष तथा निदेशक प्रो. विभा मिश्रा द्वारा किया गया l उन्होंने इस अवसर पर कहा कि हमें कार्य स्थल पर मिलजुल कर ऐसा परिवेश बनाना चाहिए जिसमें महिलाओं को सुरक्षित होने की भावना का एहसास हो सकेl


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