सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियाँ:लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिंदू देवी-देवताओं के बीच कथित अपमानजनक तुलना को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियों के जरिए सनातन समाज की एकता को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। अखिलेश ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि पूजनीय अवतारों के बीच जानबूझकर तुलना कर एक को दूसरे से श्रेष्ठ बताने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके पीछे किसकी मंशा है और समाज में तनाव पैदा करने के लिए कोई बाहरी ताकत काम कर रही है या आंतरिक, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों एक ही परम सत्ता के अवतार हैं। उन्होंने इन्हें ‘लोकरक्षक’ और ‘लोकरंजक’ बताते हुए कहा कि सच्चे सनातनी दोनों के प्रति समान श्रद्धा रखते हैं। ऐसे में उनके बीच अपमानजनक तुलना का कोई औचित्य नहीं है।

यह विवाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद सामने आया है। शिवपुरी जिले के करेरा में रामकथा के दौरान दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इस पर आपत्तियां उठने के बाद शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य दोनों देवताओं के बीच भेद पैदा करना नहीं था।

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, मणिकर्णिका घाट, मंदिरों और शंकराचार्य से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, आस्था, संप्रदाय या आराध्य के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे मामले का उच्च स्तर पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।


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