आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला की ब्राह्मण वोटों की घेराबंदी तोड़ने के लिए भाजपा ने पूर्व महापौर उमाशशि शर्मा को इंदौर-1 में कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया है। शर्मा वैसे तो लंबे समय से किसी बड़े पद से दूर हैं। माना जा रहा है कि ब्राह्मणों में पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी सभी समाज के लोगों का सम्मान करती है। हालांकि, इसके पीछे कांग्रेस का ब्राह्मण चेहरा होने और पिछले चुनाव में ब्राह्मण को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टी की हार भी बताई जा रही है।

इंदौर-2 : मेंदोला समर्थकों के लिए ओवरटाइम खत्म नहीं

विधायक रमेश मेंदोला की सीट इंदौर-2 बीजेपी का गढ़ है, लेकिन यहां के कार्यकर्ताओं और मेंदोला समर्थकों का चुनावी ओवरटाइम खत्म ही नहीं हो रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले 15 साल से हमें इंदौर-2 के बजाय हर चुनाव में इधर-उधर लगना पड़ रहा है। पहले कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव के लिए महू में पसीना बहाया। फिर 2018 में इंदौर-3 में आकाश विजयवर्गीय को जितवाने गए। कांग्रेस के कब्जे वाले इंदौर-1 में लगना ही पड़ रहा है।

इंदौर-3 : अश्विन जोशी न हां बोल रहे, न ही ना

इस बार कांग्रेस ने इंदौर-3 से दिग्गज नेता अश्विन जोशी का टिकट काट दिया। हालांकि टिकट घर में ही गया है, उनकी जगह पूर्व मंत्री महेश जोशी के बेटे दीपक पिंटू को उतारा है। टिकट घोषित हुए कई दिन गुजर गए लेकिन अश्विन अपना स्टैंड खुलकर नहीं बता पाए। पत्रकारों ने पूछा तो यही बोले कि मुझे जहां बताना होगा, बता दूंगा। वे न समर्थन देने की खुलकर हां कर रहे हैं, न ही न।

इंदौर- 5 : घर के सामने हुए चुनाव कार्यक्रम से दूरी, बोले- पैर में चोट

राजनीति में करने के साथ ताकत दिखाने की भी परंपरा नई नहीं है। ताजा मामला इंदौर-5 में भाजपा के नए चुनाव कार्यालय से जुड़ा है। यहां चार बार के विधायक और भाजपा प्रत्याशी महेंद्र हार्डिया का चुनाव कार्यालय खुल गया है। इसे उसी जगह खोला गया है, जिसके सामने टिकट मांग रहे नानूराम कुमावत का घर है। कुमावत विजयवर्गीय के समर्थक हैं। वे हार्डिया के टिकट से नाराज हैं और इसे लेकर संगठन में बात रखने की बात कह चुके हैं। नाराजगी के कारण वे पार्टी के चुनाव कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं गए। कारण पूछने पर बोले- मेरे पैर में चोट लगी है

राऊ : बयानबाजी में विजयवर्गीय की राह पर चल पड़े जीतू पटवारी

बुधनी से ज्यादा ब्रिज तो मेरे राऊ विधानसभा क्षेत्र में हैं। यह बयान है कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का। उन्होंने राऊ को बुधनी से आगे बताया है। बुधनी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सीट है। पटवारी का यह बयान इंदौर या स्थानीय उम्मीदवारों के बजाय सीधे प्रदेश को टारगेट कर दिया है।

इससे पहले, कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 के चुनाव में कह चुके हैं कि पूरे प्रदेश का एक भी अधिकारी ऐसा नहीं, जो मेरा काम न करे। फिर कहा- भोपाल से एक फोन करूंगा और यहां काम हो जाएगा। दोनों ही नेता बताना चाह रहे हैं कि वे विधायक का चुनाव जरूर लड़ रहे हैं लेकिन नेता प्रदेश लेवल से कम के नहीं हैं।