सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्यप्रदेश में 18 साल की शिवराजसिंह चौहान की सरकार में सबसे अधिक नुकसान अगर किसी वर्ग का हुआ है तो वह मप्र के नौजवान हैं। मप्र सरकार के अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मप्र में 40 लाख से अधिक रजिस्टर्ड बेरोजगार युवा हैं। अगर गैर पंजीकृत आंकड़ों को भी इसमें शामिल करें तो बेरोजगारों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाती है। इस बेरोजगारी का मुख्य कारण शिवराज सरकार द्वारा किये गये भर्ती घोटाले, पेपर लीक, परीक्षाओं के रिजल्ट जारी न करना, जानबूझ कर त्रुटिपूर्ण रिजल्ट जारी करना आदि शामिल हैं। लेकिन खुशी की बात यह है कि 18 सालों से चली आ रही ‘‘अंधियारी काली रात’’ अब ढलने वाली है और एक महीने बाद मप्र में कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है। नौकरी चोर शिवराज जाने वाले हैं और रोजगार देने वाले कमलनाथ जी आने वाले हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप जैन आदित्य ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के सभाकक्ष में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये यह बात कही।
जैन ने कहा कि शिवराज सरकार ने भर्ती घोटालों के मामले में मप्र को अतंराष्ट्रीय स्तर पर कलंकित किया है। व्यापमं घोटाला, डीमेट घोटाला, आरक्षक भर्ती घोटाला, पेसा कॉर्डिनेटर भर्ती घोटाला, नर्सिंग कॉलेज घोटाला और पटवारी भर्ती घोटाला आदि इसकी जीवंत मिसाल हैं। अगर मप्र में इस तरह के घोटाले नहीं हुये होते तो प्रदेश में कम से कम 20 लाख युवाओं को नौकरी अथवा सम्मानजनक रोजगार मिल गया होता। शिवराज सरकार ने मप्र में 4 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज लिया है, लेकिन इस कर्ज से किसी बेरोजगार को रोजगार नहीं दिया। इन परिस्थितियों को बदलने के लिए मप्र भर्ती जांच आयोग बनाया जायेगा। यह आयोग पटवारी भर्ती परीक्षा, परिवहन विभाग में भर्ती घोटाला एवं व्यापमं घोटाले की जांच नये सिरे से प्राथमिकता से करायेगी। मप्र में ऑन लाईन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें आ रही हैं। इसलिए कांग्रेस सरकार ऑफ लाईन परीक्षाएं शुरू करेगी।