आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सर्दी अब दहलीज पर आ चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तरी हवा का आने का सिलसिला शुरू हो चुका है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ गुजर चुका है। इससे अगले 24 घंटे के दौरान सर्दी दस्तक दे सकती है। यानी रात का तापमान 12.8 डिग्री से घटकर 12 डिग्री या इससे नीचे आ सकता है। दरअसल, न्यूनतम तापमान जब 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच जाता है, तभी सर्दी की दस्तक मानी जाती है।

उत्तर भारत में अर्ली स्नोफॉल (बर्फबारी) होने से भोपाल में भी ठंडक घुल गई है। दिन और रात दोनों ही टेम्प्रेचर में गिरावट हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह मौसम ऐसा ही रहेगा। रात का पारा 12 डिग्री तक आ सकता है, जबकि दिन में टेम्प्रेचर 30-31 डिग्री के बीच बना रहेगा। इस दौरान बादल भी छा सकते हैं। हालांकि, बारिश होने का अनुमान नहीं है। सोमवार को पहली बार दिन का टेम्प्रेचर 30 डिग्री के नीचे रहा। भोपाल में बीती रात तापमान 12.8 डिग्री दर्ज किया गया है। दिवाली के एक दिन पहले से ही सुबह के समय धुंध छाई हुई है।

कश्मीर और हिमाचल बर्फबारी

मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया, उत्तरी भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस आगे बढ़ गया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बर्फबारी हो रही है। इसका असर राजधानी के मौसम पर भी है। यहां दिन और रात दोनों ही तापमान में गिरावट हुई है। अगले चार से पांच दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 20 नवंबर के बाद पारे में और गिरावट होने लगेगी।

नवंबर के दिन-रात दोनों में ठंडक

नवंबर के 13 दिनों में पहली बार सोमवार को दिन और रात दोनों में ठंडक रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री दर्ज किया गया। एक दिन में 0.6 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। वहीं, रविवार-सोमवार की रात में पारा 14.6 डिग्री दर्ज किया गया।

इस महीने के शुरुआती 12 दिन गर्म रहे

इससे पहले राजधानी में नवंबर के शुरुआती 12 दिन में मौसम का मिजाज गर्म रहा। पांच दिन पारा 33 डिग्री और 3 दिन 34 डिग्री या इससे अधिक रहा। वहीं, रात में पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया। 10 नवंबर की रात में इतना पारा रहा था। हालांकि, दो ही दिन में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली।

नवंबर में ऐसा रह चुका भोपाल का मौसम

4 नवंबर 1977 को दिन का टेम्प्रेचर 35.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। यह नवंबर में इतने तापमान का ऑल टाइम रिकॉर्ड है।

30 नवंबर 1941 को रात का तापमान 6.1 डिग्री पहुंचा था।

नवंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। वर्ष 1936 में पूरे महीने 134.1 मिमी यानी 5.2 इंच बारिश हुई थी।

24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 10 नवंबर 1969 में 76.4 मिमी यानी 3 इंच का है।

प्रदेश में ऐसा रहा मौसम

सोमवार को इंदौर, ग्वालियर, पचमढ़ी, रायसेन, राजगढ़ समेत प्रदेश के 14 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के नीचे रहा। नवंबर में ऐसा पहली बार हुआ।

पचमढ़ी से ठंडे बैतूल, रायसेन, ग्वालियर, नौगांव, मलांजखंड रहे। पचमढ़ी में 29 डिग्री तापमान रहा, जबकि बाकी शहरों में पारा इससे कम रहा।

भोपाल, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, रीवा, सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया और मलांजखंड में रात के टेम्प्रेचर में गिरावट हुई है।