सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका और हूती प्रतिनिधियों के बीच ओमान में सीधी बातचीत हुई है। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से में अपनी स्थिति मजबूत की है और सऊदी अरब से जुड़े जहाजों तथा ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, मस्कट में हुई बैठक में हूती प्रतिनिधियों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया कि 2025 में हुए युद्धविराम को जारी रखा जा सकता है और अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की उनकी योजना नहीं है। बातचीत में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन व्यवस्था को बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, अमेरिका और हूतियों के बीच किसी औपचारिक समझौते की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों ने केवल हूतियों के साथ सीधे संपर्क और बातचीत की पुष्टि की है।

इस घटनाक्रम का सीधा असर सऊदी अरब की स्थिति पर पड़ सकता है। हूती और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच लड़ाई तेज हो रही है। हूतियों की बाब अल-मंदेब के आसपास बढ़ती मौजूदगी सऊदी अरब के लाल सागर वाले तेल निर्यात मार्गों के लिए चिंता बढ़ा रही है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है।

अमेरिका ने फिलहाल हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य अभियान में शामिल होने से दूरी बनाए रखी है। रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन का प्राथमिक हित लाल सागर में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना है। दूसरी ओर, सऊदी अरब को हूती हमलों से निपटने के लिए अपने स्तर पर सैन्य और कूटनीतिक विकल्पों पर काम करना पड़ रहा है।

तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। हालिया तनाव के बावजूद शुक्रवार को तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई, क्योंकि सऊदी अरब की तेल आपूर्ति बहाल करने की कोशिशों से बाजार की कुछ चिंताएं कम हुई हैं।


Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #Desksource #बदल #करण #सऊद #DeskSource #एनएन #टवर #आईट