सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य विषय “चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास” था, जिसमें पंचकोशीय शिक्षा पद्धति के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई।

समापन समारोह में मुख्य वक्ता ओम शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक आत्मनिर्भर भारत, ने शिक्षा को आत्मा से जोड़ने और भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को केवल वैचारिक चर्चा तक सीमित न रहकर इसे व्यवहार में लाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की, जिन्होंने इस कार्यशाला को “नव दृष्टिकोण का बीजारोपण” बताया।

तीन दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में प्राणमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोश जैसे पंचकोशीय शिक्षा के आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। पर्यावरण, स्वच्छता, जिज्ञासा समाधान एवं गुरुकुल परंपरा पर आधारित चर्चाएं भी हुईं। सत्रों का संचालन एवं प्रतिवेदन क्रमशः शैलेन्द्र सिंह, उषा वैद्य, सुश्री श्रेया शर्मा, विकास त्रिवेदी और अन्य विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कुलसचिव संगीता जौहरी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। यह कार्यशाला न केवल वैचारिक दृष्टिकोण प्रदान करने वाली सिद्ध हुई, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को एक नई दिशा देने की प्रेरणा भी बनी।
#रबीन्द्रनाथटैगोरविश्वविद्यालय #कार्यशालासमापन #पंचकोशीयशिक्षा #चरित्रनिर्माण #व्यक्तित्वविकास #शिक्षासंस्कृतिउत्थानन्यास #भोपालविश्वविद्यालय