आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जहां एक तरफ शहर में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की तो दूसरी तरफ बर्न से संबधित निजी और सरकारी अस्पताल में करीब 50 से अधिक मामले सामने आए। हालांकि इन मामलों में एम्स में एक मरीज गंभीर घायल भी आया, जिसकी सर्जरी सोमवार सुबह की गई। बताया जा रहा है कि अब युवक की हालत स्थिर है।
शहर में ऐसी कई घटनाएं हुई जिसमें पटाखे छोड़ने के दौरान लोग घायल हुए। कहीं पर घर में रखे दीये से आग लगने की घटना हुई तो किसी जगह पर लापरवाही से हादसा हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि इनमें से अधिकतर सामान्य घायल थे जिन्हें प्राथमिक उपचार ही दिया गया।
पलक फटने के बाद की गई सर्जरी
एम्स के प्रवक्ता केडी शुक्ला ने बताया कि एम्स में दो बर्न के मामले समाने आए। जिसमें एक 9 साल के बच्चे के रूप में सामान्य बर्न का केस आया। इसके अलावा एक 40 वर्षीय युवक गंभीर रूप से जलने का सिर्फ एक मामला सामने आया जिसे एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक के हाथ में सुतली बम फट गया था, जब वह बम जला रहा था तो बम उसकी आंख के नजदीक था, जिसके कारण उसकी पलक फट गई, सुबह डॉक्टर्स द्वारा युवक की सर्जरी की गई। अभी युवक हालत स्थिर है।
जेपी में एक मामला गंभीर
जेपी अस्पताल में आग से जलने के 15 मामले पहुंचे। इनमें सभी मामले सामान्य बर्न के थे, जिनको डॉक्टर्स ने तुरंत ही प्राथमिक उपचार करके वापस भेज दिया। वहीं एक अन्य मामले में आंख के पास एक युवक को चोट आई। जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि युवक को आंख के पास से खून आ रहा था, जिसको डॉ. परवेज ने एड मिट किया और उसका उपचार किया जा रहा है।
सांस के मरीजों को भी आई दिक्कत
अस्पतालों में मंगलवार को आंखों में जलन और गले में खराश के मरीजों की संख्या बढ़ गई। पटाखों के धुएं से सर्दी जुकाम और एलर्जी के कारण कई मरीजों को खांसी, सांस में तकलीफ और आंखों परेशानी बढ़ गई। जीएमसी से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा ने बताया धुएं से दमा के मरीजों को ज्यादा समस्या हुई अक्सर यह परेशानी एक-दो दिन में अपने आप ठीक हो जाती हैं। मगर अभी भी सावधानी जरूरी है।
किस अस्पताल में कितने मरीज
अस्पताल मामले
जेपी 15
हमीदिया 4
एम्स 2
कोलार स्वास्थ्य केंद्र 4
अन्य 24 से अधिक
12 घंटे में जिले में हुए कुल 69 रोड एक्सीडेंट
108 एंबुलेंस सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक दीपावली की रात 12 बजे से सोमवार सुबह 12 बजे तक कुल 69 रोड हादसे हुए। कंपनी के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते दो साल बाद दीपावली पर जो श ज्यादा था। इसके चलते दुर्घटना के आंकड़े भी बढ़ गए। हालांकि अच्छी बात यह है कि दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। वहीं मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 161 है।