सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिंसा के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं।
HPEC को प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन, लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग के आरोपों की जांच करनी है। इसके अलावा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिसकर्मियों को लगी चोटों और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भी पड़ताल की जाएगी। समिति यह भी देखेगी कि बल प्रयोग तय नियमों और कानूनी मानकों के अनुरूप था या नहीं। 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने समिति के पुनर्गठन की मांग को खारिज करते हुए मौजूदा HPEC पर भरोसा जताया। अदालत ने गवाहों की पहचान गोपनीय रखने और सबूत जमा कराने के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था करने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक 14 वर्षीय प्रदर्शनकारी लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा के संबंध में भी दिल्ली पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद समिति अपने निष्कर्ष अदालत के सामने रखेगी।
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