सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एनआईटीटीटीआर भोपाल में उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश एवं देश भर से आने बाले शासकीय महाविधालयों में पदस्थ प्राध्यापकों हेतु चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में”भारतीय ज्ञान परम्परा एक वैज्ञानिक दृष्टि “विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्या वक्ता शिव कुमार शर्मा जी राष्ट्रीय संगठन सचिव, विज्ञान भारती ने भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध आयामो पर चर्चा करते हुए कहा की धर्म, दर्शन, विज्ञान, चिकित्सा, वास्तुशास्त्र एवं धातुकर्म , ज्योतिष, खगोल, स्थापत्य कला, नृत्य कला, संगीत कला, आदि सभी तरह के ज्ञान का जन्म भारत में हुआ है ऐसा कहने में कोई गुरेज नही, क्योंकि इसके हजारों प्रमाण हैं |


आधुनिक युग के ऐसे बहुत से अविष्कार हैं, जो भारतीय शोधों के निष्कर्षों पर आधारित हैं ।शिक्षक का स्थान भारतीय संस्कृति मे सर्वोत्तम है। भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ा कार्य एक साधना हे।निटर भोपाल के डायरेक्टर सी. सी. त्रिपाठी ने कहा की हमारे संस्थान में भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग की स्थापना की गयी हे जिसका उद्देश्य भारतीय शैक्षिक, वैज्ञानिक ,सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को पुनः जीवित कर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ समकालीन रूप से प्रासंगिक बनाना हे। इस प्रकार के आयोजन संस्थान को न केवल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में समृद्ध करते हैं, बल्कि मूल्य-आधारित, समग्र एवं भारतीय दृष्टिकोण युक्त शिक्षा की दिशा में प्रेरित करते हैं।

भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करना हमारी साझा जिम्मेदारी है। डीन साइंस एवं हेड आईकेएस प्रो पी के पुरोहित ने कहा की निटर भोपाल उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश एवं देश भर के शिक्षकों के लिए भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित कर रहा हे यह विचारशील प्रयास भारत के आत्मबोध और गौरवशाली परंपरा को पुनः जगाने का एक सांस्कृतिक आह्वान है। इस कार्यक्रम में श्री विवेक आनंद ,महासचिव विज्ञान भारती , देशभर के शिक्षक ,बिभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि सहित रिसर्च स्कॉलर्स भी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन शोभा लेखवानी ने किया।

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