सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में सोशल मीडिया दक्षता और प्रबंधन कौशल विकास विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय और पब्लिक मीडिया टेक फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत मां सरस्वती, भारत माता और माखनलाल चतुर्वेदी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई।


कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति. बी. के. कुठियाला ने कहा कि संवाद की प्रकृति ही सोशल मीडिया की आत्मा है। यह माध्यम आज पारस्परिकता और प्रभावशीलता का प्रमुख स्रोत बन चुका है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि आज का युग एल्गोरिद्म पावर का है, जहां सोशल मीडिया जीवन के हर क्षेत्र में प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने डेटा उपनिवेशवाद और सोशल मीडिया के डायनामिक्स को समझने की आवश्यकता पर बल दिया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने सोशल मीडिया की सकारात्मक क्षमता पर चर्चा करते हुए उदयपुर की विरासत के संरक्षण में सोशल मीडिया की भूमिका का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि सही तथ्यों और लोकहित से जुड़ी बातों को यदि सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया जाए, तो बड़े बदलाव संभव हैं।दूसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ शलभ उपाध्याय ने सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक लोकेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के वैश्विक उपयोग और अवसरों पर बात की। मोबाइल एडिटिंग पर सत्र में सुधांशु सिंह ने क्रिएटिव वीडियो निर्माण की बारीकियाँ बताईं।
सोशल मीडिया कानून और केस स्टडीज़ पर प्रो. विश्वास चौहान ने संवाद के वैदिक दृष्टिकोण से जुड़ी चर्चाएँ कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव अविनाश वाजपेयी ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा रचनात्मक वीडियो भी बनाए गए।

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