आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार मतदान के दिन 17 नवंबर को केवल तीन वाहन का ही उपयोग कर सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वाहनों के दुरुपयोग को रोकने, निर्वाचन अपराधों को नियंत्रित करने और मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक वाहनों से लाने-ले-जाने पर रोक लगाने के लिए इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा है कि विधानसभा चुनाव लड़ रहे हर उम्मीदवार को मतदान के दिन संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के दो, तीन या चार पहिया वाहनों में से केवल तीन वाहनों के उपयोग की ही अनुमति होगी।

आयोग ने कहा है कि इसमें से एक वाहन का उपयोग उम्मीदवार खुद अपने लिए कर सकेगा जबकि दूसरे वाहन का उपयोग उसके निर्वाचन अभिकर्त्ता और तीसरे वाहन का उपयोग कार्यकर्ताओं के लिए किया जा सकेगा। तीन से अधिक वाहनों के संचालन की स्थिति में इसे भ्रष्ट आचरण माना जाएगा व निर्वाचन नियमों के तहत दोषी उम्मीदवार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को मतदान के दिन खुद के लिए, निर्वाचन अभिकर्ता के लिए और कार्यकर्ताओं के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले तीनों वाहनों के लिए अग्रिम रूप से संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति लेनी चाहिए।

उम्मीदवारों को प्राप्त परमिशन पत्र वाहनों के विंड स्क्रीन पर चिपकाने के निर्देश दिये गये हैं । आयोग ने कहा कि इन अनुमति प्राप्त वाहनों में ड्राइवर सहित पांच से अधिक व्यक्ति सवार नहीं हो सकेंगे। इसी तरह उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट की अनुपस्थिति में इन वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

200 मीटर की रेंज में नहीं होगा उम्मीदवारों का कोई इलेक्शन बूथ

चुनाव के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा इलेक्शन बूथ (अस्थायी कार्यालय) को लेकर भी चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं। मतदान केन्द्र से 200 मीटर परिधि में कोई अस्थायी कार्यालय नही खोला जाएगा। यदि एक लोकेशन पर एकाधिक मतदान केंद्र हैं तो उन सबके लिए एक ही बूथ स्थापित किया जाएगा।

छाता या छोटा टेंट 10 गुणा 10 फिट का, दो कुर्सी, एक टेबल की अनुमति होगी। बूथ स्थापना के इच्छुक उम्मीदवार को लिखित में और अग्रिम रूप से आरओ को उन मतदान केंद्रों के नाम एवं क्रम संख्या की जानकारी देना होगी, जहां ऐसे बूथ स्थापित किए जाने हैं ।

बूथ स्थापना से पूर्व स्थानीय निकाय या ग्राम पंचायत से स्थानीय कानूनों के अधीन अनुमति लेनी होगी और बूथ पर नियुक्त व्यक्ति के पास अनुमति उपलब्ध रहना चाहिये। ऐसे बूथ का प्रयोजन केवल मतदाता पहचान की अशासकीय पर्ची बांटने का होगा। पर्ची सादे कागज पर होगी और उस पर प्रत्याशी या पार्टी का नाम या प्रतीक नहीं होगा। यहां भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी।

जिन्होंने वोट डाल दिया है वे यहां नही आएंगे। बूथ पर नियुक्त व्यक्ति मतदान प्रक्रिया मे कोई व्यवधान पैदा नहीं करेगा। मतदाता को किसी प्रकार से प्रभावित नही करेगा, न ही किसी मतदाता से वोट देने या न देने संबंधी बात करेगा।

मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे

आयोग ने कहा है कि इन निर्देशों के उल्लंघन की दशा मे बूथ हटा दिया जायेगा तथा आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मतदान केंद्र से 200 मीटर परिधि मे किसी प्रकार का चुनाव प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। ऑब्जर्वर, पुलिस अधिकारी आदि के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को मोबाइल ले जाने या उपयोग करने की अनुमति नही होगी। बूथ पर नियुक्त व्यक्ति उस मतदान केंद्र का मतदाता होना चाहिए। उसके पास इपिक होना चाहिए जो पुलिस अथवा मजिस्ट्रेट के मांगे जाने पर दिखाना होगा। राजनैतिक दल और उम्मीदवार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिनका आपराधिक रिकाॅर्ड है, उन्हें बूथ पर नियुक्त नहीं करें।