आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शंकर नेत्रालय के फाउंडर डॉ. सेंगामेदु श्रीनिवास बद्रीनाथ का आज यानी मंगलवार को निधन हो गया है। वह 83 साल के थे। डॉ. बद्रीनाथ इंडियन आर्मी के एक नॉन-ऑफिशियल मेंबर थे, जिन्होंने आर्मी में ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट के रूप में भी काम किया था।

दशकों तक चैरिटेबल आई केयर प्रोवाइड करने के लिए डॉ. बद्रीनाथ को 1983 में पद्म श्री और 1999 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। अन्नामलाई और तमिलनाडु डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी ने 1995 में उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया था।

24 फरवरी 1940 को चेन्नई में हुआ था जन्म

डॉ. एसएस बद्रीनाथ का जन्म 24 फरवरी 1940 को चेन्नई में हुआ था। उनके पिता एसवी श्रीनिवास राव इंजीनियर थे और उनकी मां वकील की बेटी थीं।

जब वह छोटे थे तब ही डॉ. बद्रीनाथ ने अपने माता-पिता को खो दिया था। अपने पिता की मौत के बाद उन्होंने जीवन बीमा से मिले पैसों से मेडिकल की पढ़ाई पूरी की। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यूयॉर्क में की।

1978 में की थी शंकर नेत्रालय की स्थापना

डॉ. बद्रीनाथ ने 1978 में डॉक्टरों के एक ग्रुप के साथ मिलकर शंकर नेत्रालय की स्थापना की। शंकर नेत्रालय भारत के बड़े चैरिटेबल और नॉन-प्रॉफिट हास्पिटलों में से एक है।

शंकर नेत्रालय की स्थापना तीन प्रमुख उद्देश्यों के साथ की गई थी- सस्ती दरों पर आंखों की अच्छे से देखभाल, अंधेपन से निपटने के लिए ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट और पैरामेडिकल पर्सनल्स की ट्रेनिंग देना और इंडिया स्पेसिफिक आई प्रॉबलम्स पर रिसर्च करना।

प्रधानमंत्री मोदी ने दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. एसएस बद्रीनाथ के निधन पर दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर उन्होंने लिखा,’दूरदर्शी, ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट और शंकर नेत्रालय के फाउंडर डॉ. एसएस बद्रीनाथ के निधन से गहरा दुख हुआ। आखों की देखभाल में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी अथक सेवा ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उनका काम पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदनाएं। शांति।’