सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के विभिन्न विभाागों में पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स कर रहे छात्र—छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में एम्स, भोपाल के डीन एकेडमिक्स रजनीश जोशी सम्मानीय अतिथि के तौर पर शामिल हुए। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव और मप्र पैरामेडिकल काउंसिल के रजिस्टार शेलोज जोशी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।
सर्वप्रथम बीएमएचआरसी की एसोसिएट डीन (एकेडमिक्स) सुरभि सहाय ने आमंत्रित अतिथियों व स्टूडेंट्स को बीएमएचआरसी में चल रहे विभिन्न पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स और यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि बीएमएचआरसी में स्टूडेंट्स को दी जाने वाली सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।
स्टूडेंट्स को हमसे बहुत उम्मीदें हैं और हमें विश्ववास है कि हम स्टूडेंट्स की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। विद्यार्थी बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई पूरी करें। उनके कैरियर के विकास में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। आपने जिस कोर्स में एडमिशन लिया है, वहां अच्छे से अच्छा कार्य करने की कोशिश करें।
पीजी स्टूडेंटस को संबोधित करते हुए डॉ रजनीश जोशी ने कहा कि पीजी करते हुए आपको रिसर्च प्रोजेक्ट भी करना होगा और रिसर्च वर्क की शुरुआत करने से पहले आपके इसके मूलभूत सिद्धांतों को समझना आवश्यक है। रिसर्च प्रोजेक्ट के चार स्तंभ होते हैं। स्वायत्तता, गैर—हानिकारकता, लाभप्रदता और वैधता। सर्वप्रथम, आप अपने शोध में जिन मरीजों को शामिल कर रहे हैं, उनकी सहमति ले लें।
इस सहमति—पत्र की भाषा को सरल रखें, ताकि उन्हें आसानी से समझ आ सके। मरीज के स्थान पर स्वयं को रखकर निर्णय लें। अपने शोध के संबंध में उनसे कोई जानकारी न छुपाएं। इलाज से होने वाले फायदों और इससे जुड़े रिस्क के बारे में मरीज को जरूर बताएं।
यह भी सुनिश्चित कर लें कि शोध में शामिल होने के लिए वह मानसिक रूप से सक्षम है या नहीं। शोध में शामिल मरीजों की निजी जानकारी को उजागर न करें और उन्हें इसका विश्वास भी दिलाएं। यह सुनिश्चित करें कि आपके शोध से किसी मरीज के स्वास्थ्य को कोई हानि न हो। इस बात का भलीभांति आंकलन कर लें कि शोध के संबंध में दिए जा रहे उपचार से उसको कोई फायदा हो सकता है या नहीं।
अंत में यह देख लें कि आपके द्वारा किया जा रहा शोध कार्य कानून की दष्टि से सही है या नहीं। इससे किसी के अधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शेलोज जोशी ने पीजी स्टूडेंटस से कहा कि आप बहुत सौभाग्यशाली हैं कि आपको बीएमएचआरसी में अपना पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी स्टूडेंट्स पीजी कोर्स में एडमिशन के लिए जाते हैं तो किस कोर्स में एडमिशन लें, इसके लिए कन्फ्यूज हो जाते हैं। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि जिस भी विषय में पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स कर रहे हैं, उसमें अपना 100 प्रतिशत दें।