सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर दस्तक दी। तूफान के प्रभाव से तटीय जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। समुद्र में खड़ी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के निकट तट पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। मौसम विभाग ने बताया कि तट पार करने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। हालांकि, आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

तूफान के कारण विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम सहित विभिन्न हवाई अड्डों से उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं। शुरुआती रिपोर्टों में आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई। चेन्नई से भी 11 उड़ानें रद्द की गईं। रेल सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ा है।

प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। ओडिशा में भी तूफान के प्रभाव को देखते हुए बड़े पैमाने पर एहतियाती इंतजाम किए गए हैं। वहां पांच जिलों से 1.6 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।


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