सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक रैलियों से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे असर को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखा है। संगठन ने मांग की है कि राजधानी में विरोध-प्रदर्शन, जनसभाओं और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए दिल्ली के बाहरी इलाकों में निर्धारित स्थान चिन्हित कर उन्हें आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाए। कैट का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके कारण व्यापार और आम जनजीवन बाधित नहीं होना चाहिए।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने 2 नवंबर को लिखे पत्र में कहा कि पिछले एक महीने से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रहे प्रदर्शनों, मार्च और राजनीतिक गतिविधियों के कारण बाजारों तक पहुंच प्रभावित हुई है। यातायात डायवर्जन, सड़कें बंद होने और सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते व्यापारियों, ग्राहकों और दूसरे राज्यों से आने वाले कारोबारी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन के अनुसार, दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 2,200 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। पिछले एक महीने में करीब 14 दिन व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहने का दावा किया गया है। कैट ने कहा कि इसका असर थोक और खुदरा कारोबार के साथ छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों, परिवहन संचालकों और डिलीवरी कर्मचारियों की आजीविका पर भी पड़ता है।
कैट ने उपराज्यपाल से पांच प्रमुख सुझावों पर विचार करने का अनुरोध किया है। इनमें बाहरी क्षेत्रों में प्रदर्शन स्थल तय करना, बाजारों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच बनाए रखना, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए एक समान व्यवस्था बनाना, छोटे कारोबारियों की आजीविका का ध्यान रखना और दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस तथा नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना शामिल है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसकी मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि विरोध और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से है।
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