आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को पदभार संभाल लिया। अब प्रशासनिक जमावट को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। सबसे पहले मंत्रालय में पदस्थ अधिकारी इधर से उधर होंगे। पहला बदलाव सीएम सचिवालय में हो सकता है, जिसके तहत प्रमुख सचिव समेत कई अफसरों की पोस्टिंग बदली जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री की पसंद वाले अफसर और ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के तौर पर गैर शासकीय लोगों की पदस्थापना होगी।

पहले जानिए कैसे काम करता है CM सचिवालय

मुख्यमंत्री के निर्णयों पर अमल कराने वाला सीएम सचिवालय सबसे अहम दफ्तर होता है। यहां पदस्थ अफसरों की जिम्मेदारी सभी विभागों के कामकाज में कसावट रखना होती है। वे प्रदेश की घटनाओं व अन्य गतिविधियों के मामले में मुख्यमंत्री को अपडेट रखते हैं, और त्वरित एक्शन लेते हैं। सभी प्रदेश के सभी विभागों में चल रही योजनाओं की यही से मॉनिटरिंग होती है। साथ ही, जिलों में पदस्थ अफसरों के कामकाज पर यही से नजर रखी जाती है।

CM निवास में भी काम करते हैं सचिवालय के अफसर

सीएम निवास में भी सीएम का दफ्तर होता है। यहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम अधिकारी के अलावा सीएम की निजी मुलाकातों का समन्वय करने, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान निधि से दी जाने वाली आर्थिक सहायता के मामलों में त्वरित एक्शन लेने और मुख्यमंत्री से जुड़े अन्य मामलों में कार्रवाई करने का काम किया जाता है। इसके लिए सीएम निवास में भी अलग टीम तैनात रहती है जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर स्तर के अफसरों को प्रमुख भूमिका में रखा जाता है। साथ ही पुलिस विभाग की एक अलग टीम सीएम सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखती है। यहां अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों और गैर शासकीय व्यक्तियों की नियुक्ति के साथ पदस्थापना रहती है।

अभी सीएम सचिवालय में पदस्थ हैं यह अफसर

अफसर  पद

मनीष रस्तोगी

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री

अंशुमान सिंह    ओएसडी

एम सेलवेंद्रन    सचिव

प्रीति मैथिल    अपर सचिव

नीरज वशिष्ठ   उप सचिव

लक्ष्मण सिंह मरकाम    उप सचिव

लोकेश शर्मा     ओएसडी

सुधीर कोचर    उप सचिव

कमल सोलंकी   उपसचिव

वंदना मेहरा अटूट       उपसचिव

महीप तेजस्वी   उपसचिव

केवल राम धुर्वे  अवर सचिव

आदित्य शर्मा   अवर सचिव

संदीप अष्ठाना   अवर सचिव

विनोद जकरिया  निज सचिव

विजय नारायण चौबे     निज सहायक

इनके अलावा रिटायर्ड IAS आनंद शर्मा और सीएम शिवराज के मीडिया का काम देख रहे सत्येंद्र खरे ओएसडी के रूप में पदस्थ थे, जिन्होंने चुनाव आचार संहिता लगने पर इस्तीफा दे दिया था।