आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल की ज्योति रात्रे ने आस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोजिअस्को को फतह कर लिया है। ज्योति ने यह चढ़ाई 19 अक्टूबर को सुबह 9 बजे शुरू की, और महज 2 घंटे बाद 2,228 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराया। इससे पहले ज्योति बीते 6 साल में दुनिया के 17 से अधिक पर्वतों की चढ़ाई कर चुकी है। जिनमें यूरोप का माउंट एल्ब्रूस, अफ्रीका का किलिमंजारो, दक्षिण अमेरिका का अकोंकागुआ शामिल हैं।
10 पर्वताें पर जाना चाहती थी, बंद हो गया पार्क
दैनिक भास्कर से बात करते हुए 54 वर्षीय ज्योति रात्रे ने बताया कि मैंने 19 अक्टूबर को सुबह 9 बजे चढ़ना शुरू किया। 11 बजे 7,310 फीट (2,228 मीटर) की ऊंचाई पर थी। मैं पहले कई चोटियां फतह कर चुकी हूं। ऐसे में इस बार मुझे कोई खास चैलेंजेस महसूस नहीं हुआ। हालांकि, इस दौरान मौसम में थोड़ा बदलाव जरूर हुआ था। कई बार कुछ देर के लिए बादल भी आ गए। मैंने वहां सीसम 1 और 2 की चढ़ाई भी की। ज्योति ने बताया कि वह माउंट कोजिअस्को के पास मौजूद दस पर्वतों पर जाना चाहती थीं, लेकिन नेशनल पार्क बंद होने के चलते वह सिर्फ दो अन्य पर्वतों पर ही चढ़ाई कर सकीं।
पृथ्वी की सबसे ठंडी जगह जाने की तैयारी
ज्योति ने बताया कि अब मैं दुनिया की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली जगह अंटार्कटिका की तैयारी करूंगी। सब कुछ सही रहा और स्पॉन्सरशिप मिली तो जनवरी 2024 में वहां जाऊंगी। अंटार्कटिका पृथ्वी पर सबसे ठंडी जगह है। इससे पहले ज्योति यूरोप की माउंट एल्ब्रूस, अफ्रीका का किलिमंजारो, दक्षिण अमेरिका का अकोंकागुआ को फतह कर चुकी हैं। ट्रेनिंग के बारे में बताया कि इसके लिए कोई बहुत खास ट्रेनिंग नहीं की है, जनरल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ही चल रही थी।
एवरेस्ट पर खराब मौसम से जूझना पड़ा
ज्योति आत्रे का कहना है कि मैं एक एक बिजनेस वूमन हूं। मेरे पति केके रात्रे मध्य प्रदेश विद्युत मंडल एचआर में जनरल मैनेजर हैं। मुझे दुनिया की सेवन समिट करनी हैं। सबसे पहला ट्रैक साल 2017 में मनाली में किया था, यहां जाकर ऐसा लगा कि मुझे पर्वतों पर जाते रहना चाहिए। वे हमें उनकी तरफ खींचते हैं। 23 मई 2023 में मैंने एवरेस्ट की चढ़ाई की। 8200 मीटर तक पहुंच गई। तभी मौसम खराब हो गया। हमें वाइट आउट का सामना करना पड़ा। विजिबिलिटी पूरी तरह से जीरो थी। 60 से 80 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने लगी। मेरे गाइड शेरपा ने आगे जाने से इनकार कर दिया था। जिसके चलते मुझे लौटना पड़ा।