सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल में आज विज्ञान संचार एवं अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत नवीन इंटरैक्टिव प्रादर्श त्रिविम दृष्टि/ स्टीरियोस्कोपिक दृष्टि का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रा.वि.सं.प. की गवर्निंग बॉडी के सदस्य डॉ. अभिजीत चक्रवर्ती, डॉ. बी. वेंकटरमन, डॉ. शंकर वी. नाखे एवं डॉ. रमा जयसुंदर द्वारा प्रादर्श का औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम रा.वि.सं.प. के महानिदेशक के. एस. मुरली की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आई.जी.आर.एम.एस.), भोपाल के निदेशक अमिताभ पाण्डेय तथा नेहरू विज्ञान केन्द्र, मुंबई के निदेशक एवं राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रमुख उमेश कुमार रुस्तगी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
यह नवीन प्रादर्श विज्ञान को खेल-आधारित गतिविधि के माध्यम से समझने का एक अभिनव प्रयास है। इस प्रादर्श में आगंतुकों को स्क्रीन पर प्रदर्शित होती हुई वर्गाकार आकृतियों पर गेंद के माध्यम से निशाना साधना होता है। किसी लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदने पर स्क्रीन पर एक भारतीय वैज्ञानिक का परिचय, उनकी जीवनी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान से संबंधित जानकारी प्रदर्शित होती है।
इस प्रकार आगंतुक एक मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधि के माध्यम से विभिन्न भारतीय वैज्ञानिकों तथा उनके कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। यह प्रादर्श विज्ञान के इतिहास, वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा भारत के वैज्ञानिक योगदानों को सरल एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे विशेष रूप से विद्यार्थियों एवं युवा आगंतुकों में विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है।

उद्घाटन अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने प्रादर्श का अवलोकन किया तथा इसकी अभिनव अवधारणा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के इंटरैक्टिव प्रादर्श विज्ञान को अधिक रोचक, सुलभ एवं अनुभवात्मक बनाते हैं तथा आगंतुकों को विज्ञान की अवधारणाओं को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही ऐसे प्रयास युवा पीढ़ी को भारतीय वैज्ञानिकों के योगदानों से परिचित कराते हुए उनमें नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करते हैं।
आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल निरंतर ऐसे प्रादर्शों एवं कार्यक्रमों का विकास कर रहा है, जिनके माध्यम से आगंतुक विज्ञान की दुनिया से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ सकें। यह नवीन इंटरैक्टिव प्रादर्श भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो विज्ञान, वैज्ञानिकों तथा उनके योगदानों को एक रोचक, ज्ञानवर्धक एवं सहभागितापूर्ण अनुभव के रूप में प्रस्तुत करता है।
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