सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: एनआईटीटीटीआर भोपाल ने गत वर्ष विज्ञान दिवस पर एक अभिनव पहल करते हुए देश क़े प्रमुख प्राचीन एवं आधुनिक भारतीय वैज्ञानिकों एवं गणितज्ञों क़े जीवन एवं उनके द्वारा की गयी महवपूर्ण अनुसन्धान कार्य को संकलित कर एक स्थायी दीर्घा का निर्माण किया था।
निटर में विभिन्न प्रदेशों से आये हुए टीचर्स एवं इंटर्नशिप पर आये हुए स्टूडेंट्स ने इस दीर्घा का भ्रमण किया । आज के कई अनुसन्धान इन प्राचीन वैज्ञानिकों की शोध एवं आविष्कार पर आधारित है। वर्ष भर देशभर से निटर भोपाल ट्रेनिंग के लिए आने वाले शिक्षकों, विधार्थियों एवं विशिष्ठ अथितियों ने इस दीर्घा का भ्रमण किया है एवं यहाँ संकलित जानकारियों की सराहना की है।
विभिन्न संस्थानों एवं शिक्षकों ने यहाँ से प्रेरणा लेकर अपने संस्थानों में इसी तरह के प्रयोग किये हैं जो साइंस के स्टूडेंट्स के लिए के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। निटर निदेशक सी. सी. त्रिपाठी ने अपने सन्देश में कहा की देश क़े इन सभी वैज्ञानिकों क़े अतुल्य योगदान को आगे की पीढ़ी के लिए सहेजना व देश भर से आने वाले शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचाना हमारी नैतिक व सामाजिक जिम्मेदारी है।
सी. सी. त्रिपाठी ने डॉ सी. वी. रमन के योगदान को याद करते हुए कहा की डॉ. रमन हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। उनकी रिसर्च रमन स्कैटरिंग बिभिन्न वस्तुओं के विश्लेषण ,रिमोट सेंसिंग ,ग्रहों के अन्वेषण एवं कई क्षेत्रों में उपयोगी है। निटर भोपाल भारतीय ज्ञान परम्परा को पाठ्यक्रम के माध्यम से स्टूडेंट्स तक पहुँचाने का कार्य भी कर रहा है। हमारे संस्थान में विभिन्न प्रदेशों के लिए करिकुलम निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है जिसमे राष्ट्रीय शिक्षानीति के प्रमुख घटक इंडियन नॉलेज सिस्टम को प्रमुख रूप से समाहित किया है।
निटर भोपाल इंडियन नॉलेज सिस्टम पर ऑनलाइन कोर्स भी निर्माण करने जा रहा है। इस अवसर पर प्रो. पी. के. पुरोहित, प्रो. ऍम सी पालीवाल, डॉ. इज़हार अहमद, श्री संजय त्रिपाठी भी उपस्थित थे।