आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में तीन दिवसीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गयाI कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आर. टी. पाटिल, पूर्व निदेशक, सिफेट और अध्यक्ष, भोपाल, अमिताभ सक्सेना, कार्यकारी निदेशक, आईटीडीपीआर, डीन अकादमिक संजीव कुमार गुप्ता और अधिष्ठाता कृषि संकाय अनिल कुरचानिया, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन विशेष रूप से उपस्थित थे।

प्रशिक्षण के शुरुवात में आर. टी. पाटिल ने बागवानी फसलों का प्राथमिक प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के बारे में विस्तृत रुप से बताया। उन्होंने बताया कि मैदा से बनने वाले पदार्थ बहुत नुकसानदेह हैं और छोटे आनाज से बनने वाले पदार्थ लाभदायक हैं। छोटे अनाजों का मूल्य संवर्धन करके अच्छी आमदनी बढ़ा सकते हैं है।

पाटिल ने बागवानी फसलों का प्राथमिक प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन विभिन्न प्रबंधन की विधियों के बारे में बताया I इसके पश्चात एम.के. त्रिपाठी, वैज्ञानिक, कृषि उपज प्रसंस्करण प्रभाग, आईसीएआर-सीआईएई, भोपाल ने सोयाबीन से बने विभिन्न उत्पाद जैसे सोया दूध, सोयापनीर, टोफू, सोया बिस्कुट आदि के बारे में बताया। त्रिपाठी ने बताया कि हमारे दैनिक भोजन में प्रोटीन की जरूरतों पर प्रकाश डाला I इसके बाद विजय अग्रवाल, वैज्ञानिक, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, नर्मदापुरम ने कृषि फसलों की कटाई के बाद प्रबंधन और उनके मूल्य संवर्धन के दायरे के विषय में बताया।

उन्होंने फलों एवं सब्जियों को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जाए पर प्रकाश डालाI सुबीर चक्रवर्ती, वैज्ञानिक, आईसीएआर-सीआईएई, भोपाल ने फल एवं सब्जी प्रसंस्करण विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश और देश में कितने बच्चे कुपोषित हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के अनुसार वर्तमान उपलब्ध पोसन आहार के बारे में बताया कि दैनिक जीवन में सम्पूर्ण आहार का खाना बहुत आवश्यक है I

प्रशिक्षण के अन्तिम विषय विशेषज्ञ के रुप में दीपिका अग्रहर मुरुगकर, वैज्ञानिक,आईसीएआर-केंद्रीय कृषि इंजीनियरिंग संस्थान, भोपाल ने पोषण संबंधी सुरक्षा और रोजगार सृजन के लिए बहुपोषक खाद्य उत्पादों का प्रसंस्करण विषय पर सभी को अवगत कराया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए अंकुरित सोयाबीन प्रसंस्करण और पोषण संबंधी खाद्य उत्पाद को आवश्यक रूप से दैनिक दिनचर्या में रखना अवश्यक बताया।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अनिल कुरचानिया ने बताया कि वर्तमान समय में खाद्य पदार्थो का मूल्य संवर्धन कि काफी मांग है और तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम निशिचित रूप से सभी के लिए लाभदायक सिद्ध होगी I पूजा चतुर्वेदी सहायक कुलसचिव ने बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जो भी आप सीखेंगे वह विश्वविद्यालय के बच्चो के भविष्य के विकास में सहायक होगा। डीन अकादमिक संजीव कुमार गुप्ता ने आईटीडीपीआर के प्रयासों के बारे में अवगत कराया।