सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह हेल्थकेयर इनोवेशन कॉन्क्लेव: उत्तर प्रदेश में शामिल हुए । कॉन्क्लेव की मेजबानी उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के सहयोग से की गयी । इस कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य सेवा में डिजिटाइज़ेशन की परिवर्तनकारी क्षमता पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के दिग्गज विशेषज्ञों को बुलाया गया।

अपने संबोधन में सिंह ने स्वास्थ्य सेवा विस्तार में क्रांति लाने में डिजिटाइज़ेशन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के महत्व को बताते हुए कहा कि डिजिटाइज़ेशन से स्वास्थ्य डेटा के बेहतर प्रबंधन से रोगी की अच्छी देखभाल होती है और परिणाम भी अच्छे मिलते हैं।

प्रोफेसर सिंह के नेतृत्व में एम्स भोपाल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में अग्रणी बन चुका है। विशेष रूप से, संस्थान ने देश भर के अन्य सभी एम्स को पीछे छोड़ते हुए एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) में रिकॉर्ड जोड़ने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

स्वास्थ्य देखभाल पहुंच के विस्तार की दिशा में प्रगतिशील कदम उठाते हुए, एम्स भोपाल ने ई-आईसीयू, ई-बेड और ई-परामर्श जैसी नवीन पहल शुरू की है, जो चिकित्सा सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से विस्तारित कर रही है। सिंह ने चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण में तकनीक के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि आज डॉक्टर न केवल चिकित्सक हैं बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार के उत्प्रेरक भी हैं।

इसके अलावा, एम्स भोपाल ने छात्रों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सिमुलेटर में भी निवेश किया है। ये सिमुलेटर स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सकों की दक्षता और तत्परता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा और रोगी देखभाल की उन्नति में योगदान मिलता है।