आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अलग-अलग स्थानों पर पांच मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हवाओं का रुख भी लगातार दक्षिणी बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी से भी लगातार नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। उधर निचले स्तर पर बादल बने रहने और वातावरण में बड़े पैमाने में नमी मौजूद रहने के कारण गुरुवार को पूरे प्रदेश में सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहा। राजधानी भोपाल में सुबह सात बजे से साढ़े सात बजे तक दृश्यता 50 मीटर रह गई थी। अभी दो दिन तक बादल बने रहने और रुक-रुककर हल्की वर्षा होने की संभावना है।
इन इलाकों में बरसा पानी
उधर पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक खजुराहो में 17, उमरिया में 11.7, टीकमगढ़ में 11, रायसेन में 9.8, पचमढ़ी में 8.8, सीधी में 8.6, जबलपुर में 8.4, रीवा में 7.4, नौगांव में 6.8, सतना में 6.2, नर्मदापुरम में में 6.2, नरसिंहपुर में छह, भोपाल में 3.6, खंडवा में दो, दमोह में एक, बैतूल में 0.6, सागर में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। मंडला में बूंदाबांदी हुई।
ये वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बना हुआ है। पाकिस्तान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। राजस्थान में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-मध्य महाराष्ट्र और उससे लगे अरब सागर पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है।
लगातार आ रही नमी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से लगातार नमी आ रही है। इस वजह से राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में वर्षा हो रही है।