आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पासपोर्ट अदालत में शुक्रवार को अनोखा प्रकरण पहुंचा। एथलीट का पासपोर्ट चोरी हो गया था। उसने पासपोर्ट अदालत पहुंचकर गुहार लगाई कि उसे सोमवार को थाईलैंड में चैंपियनशिप के लिए जाना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शीतांशु चौरसिया ने एथलीट श्रद्धा वर्मा को 18 घंटे में ई-पासपोर्ट जारी कर दिया। वहीं, फाइल प्रोसेस और पासपोर्ट को जल्दी प्रिंट कर डिस्पैच करने के निर्देश दिए। सबसे कम समय में बनने वाला यह प्रदेश का पहला पासपोर्ट है।

बता दें कि पासपोर्ट आवेदन से लेकर प्रिंट होने तक कम से कम 72 घंटे का वक्त लगता है। चौरसिया ने बताया कि पासपोर्ट अदालत में 1200 आवेदकों में से 183 आवेदक अपना पक्ष रखने पहुंचे। शेष आवेदकों की फाइल क्लोज कर दी गई है। अब आवेदकों को नए सिरे से पासपोर्ट के लिए आवेदन करना होगा।

250 से अधिक मामलों का निपटारा

पासपोर्ट अदालत के चौथी दिन तक कुल 250 से अधिक लंबित मामलों का निपटारा कर दिया गया है। वर्ष 2022 से लंबित सभी पासपोर्ट फाइलों के लिए इस पासपोर्ट अदालत का आयोजन किया जा रहा है, इस अदालत में 18 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र, पासपोर्ट सेवा केंद्र भोपाल एवं इंदौर के लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई की जा रही है।

केस -1

इंदौर के रहने वाले सुमित कुमार गुप्ता ने बताया कि वह उन्होंने दसवीं और बारहवीं राजस्थान ओपन बोर्ड (2005) से की है, इंदौर से उन्होंने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था। सुमित के अनुसार अब उनसे करीब 9 महीने बाद पासपोर्ट अधिकारियों ने कहा है कि आप या तो इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड कैटेगिरी में पासपोर्ट बनवाईए, या फिर मार्कशीट वैरीफाई करवाईए। इसको लेकर अब वह राजस्थान मार्कशीट वैरिफाई करवाने के लिए जा रहे हैं। इसके बाद ही उनका पासपोर्ट जारी हो सकेगा।

केस -2

इंदौर के रहने वाले प्रसन्न नाहर जो जिनके एड्रेस पर पासपोर्ट पहुंचा जरूर मगर उन्होंने रिसीव नहीं किया, क्योंकि वह घर पर मौजूद नहीं थे, जिसके बाद वह इंदौर पीएसके पहुंचे। जहां उनको अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भोपाल विजिट कर लीजिए तो पासपोर्ट मिल जाएगा, उन्होंने कहा कि उस समय मैंने ऑनलाइन स्टेटस भी चैक किया, जिसमें मुझे भोपाल आने की बात कही गई थी। हालांकि उसमें कहीं भी यह नहीं लिखा था कि भोपाल अपाइंटमेंट लेने के लिए जाना होगा। अब यहां आकर मुझे पता चलता है कि मुझे अपाइंटमेंट लेना पड़ेगा।

अधिकतर ओपन बोर्ड मामलों में आती है दिक्कत

रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर शीतांशु चौरसिया ने बताया कि हमारे पास एक लिस्ट ऑफ बोर्ड है, इसमें खास तौर पर लिस्टेड बोर्ड में सीबीएसई, आईसीएसई व अन्य स्टेट बोर्ड शामिल हैं। अगर उस लिस्ट के अलावा खास तौर पर कई तरह के ओपन बोर्ड आदि हैं तो उस केस में मार्कशीट वैरिफाई करवाने के लिए हम पहले अपनी कार्रवाई करते हैं, उसके बाद ही पासपोर्ट जारी करते हैं। हमने आवेदक की मार्कशीट के वैरिफिकेशन के लिए प्रयास किया, मगर हमारे पास कोई जवाब नहीं आया, इस स्थिति में अब आवेदक को अपनी मार्कशीट वैरिफाई संबंधित बोर्ड से करवानी पड़ेगी। अगर कोई आवेदक लिस्टेड बोर्ड की लिस्ट देखना चाहता है तो वह मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की वेबसाइट पर देख सकता है, हम उसी लिस्ट के अनुसार अपना कार्य करते हैं। वहीं वह आवेदक जो बिना अपाइंटमेंट के आते हैं, वह पहले अपाइंटमेंट लें, फिर रीजनल पासपोर्ट कार्यालय में किसी भी प्रकार की क्वेरी कर सकते हैं। हालांकि संबंधित मामले में हमने आवेदक को डायरेक्टर एंट्री के द्वारा बुलाया था, जिसके बाद उनकी प्रॉब्लम सॉल्व हो गई है।