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दक्षिण अमेरिकी देश पैराग्वे में बड़े बैंकिंग संकट के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया है। संसद ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग की कार्यवाही के जरिए पद से हटा दिया। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। देश के उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने शुक्रवार, 6 नवंबर को नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वे अगस्त 2028 तक मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे।

यह संकट डिजिटल बैंक यूएनो (Ueno) के बंद होने के बाद शुरू हुआ। केंद्रीय बैंक ने 3 नवंबर को वित्तीय स्थिति और न्यूनतम सॉल्वेंसी मानकों के उल्लंघन से जुड़ी चिंताओं के चलते बैंक के खिलाफ कार्रवाई की थी। इससे करीब 29.4 लाख ग्राहकों के खाते और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। कई लोग अपनी जमा रकम निकालने, भुगतान करने और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में असमर्थ हो गए। देशभर में ग्राहकों ने विरोध प्रदर्शन किए और अपनी बचत वापस लौटाने की मांग की।

संसद में पेना पर बैंक से जुड़े हितों के टकराव, नियामकीय निगरानी को प्रभावित करने और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। सीनेट में मौजूद सभी 44 सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के पक्ष में मतदान किया। पेना ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने एक दिन पहले इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन संसद ने महाभियोग की प्रक्रिया पूरी की।

अभियोजन पक्ष ने पेना को घर में नजरबंद रखने का आदेश दिया है। उनसे आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के सामने पेश होने को कहा गया है। मामले में पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है।

नए राष्ट्रपति अलियाना ने प्रभावित जमाकर्ताओं को मुआवजा देने का भरोसा दिया है। फिलहाल कुछ ग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन सभी प्रभावित लोगों तक रकम पहुंचाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।


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