सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पानीपत कार्यशाला से टिकाऊ वस्त्र उद्योग को बढ़ावा, यूरोपीय बाजार की तैयारी तेज
पानीपत। पानीपत के वस्त्र उद्योग को टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। यूरोपीय संघ के सहयोग से चल रहे ‘ग्रीन थ्रेड्स’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस पहल में वस्त्र उद्यमियों और निर्यातकों को टिकाऊ उत्पादन, हरित वित्त और आगामी अंतरराष्ट्रीय नियमों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में पानीपत के वस्त्र पुनर्चक्रण समूह की साझा टिकाऊ पहचान विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य पुनर्चक्रित वस्त्रों के क्षेत्र में पानीपत की विश्वसनीयता बढ़ाना और वैश्विक खरीदारों के बीच उसकी पहचान को मजबूत करना है। अध्ययन के अनुसार, सत्यापन योग्य पर्यावरणीय आंकड़ों के आधार पर तैयार साझा पहचान से पानीपत को उच्च मूल्य वाले निर्यात बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में छोटे और मध्यम उद्यमों को यूरोपीय संघ के पर्यावरण संबंधी नियमों, उत्पाद की जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व और कचरा परिवहन से जुड़े नियमों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही वस्त्र कचरे की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इस पहल के तहत पानीपत वस्त्र पुनर्चक्रण समूह के लिए टिकाऊ उत्पादन संबंधी मार्गदर्शिकाएं भी जारी की गईं। इसके अलावा वस्त्र कचरे की जानकारी और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल उत्पाद परिचय-पत्र की परीक्षण व्यवस्था शुरू की गई। इसका उद्देश्य निर्यातकों को पर्यावरण संबंधी आंकड़े तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की बदलती आवश्यकताओं के लिए तैयार करना है।
पानीपत को भारत के प्रमुख वस्त्र पुनर्चक्रण केंद्रों में से एक के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत टिकाऊ उत्पादन, हरित वित्त, पुनर्चक्रण और पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार काम किया जा रहा है। इन पहलों से स्थानीय उद्योगों को यूरोपीय बाजार की पर्यावरण संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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