सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उत्तराखंड SIR में 95 हजार से ज्यादा मतदाता अपात्र, कांग्रेस ने उठाए सवाल
देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर नया विवाद सामने आया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान करीब 1.73 लाख फॉर्म-7 प्राप्त हुए हैं। इनमें 95 हजार से अधिक मतदाताओं को अपात्र श्रेणी में चिह्नित किया गया है। हालांकि, ये नाम अभी अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, ऐसा नहीं है। अंतिम सूची 3 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जिन मतदाताओं को अपात्र चिह्नित किया गया, वे सत्यापन के दौरान मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके या सुनवाई में स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने उन्हें चुनाव आयोग की ऑनलाइन व्यवस्था में अपात्र दर्ज किया और प्रणाली के माध्यम से फॉर्म-7 तैयार हुआ। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने बड़ी संख्या में फॉर्म-7 तैयार होने और कुछ मामलों में अधिकारियों के नाम से आवेदन दर्ज होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या कुछ फॉर्म चुनाव आयोग की प्रणाली के माध्यम से स्वतः तैयार हुए हैं। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इन पर निर्वाचन कार्यालय ने अपनी प्रक्रिया संबंधी स्थिति स्पष्ट की है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया नियमों के अनुसार चल रही है और राजनीतिक दलों के साथ जानकारी साझा की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपात्र चिह्नित किए गए लोगों के लिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का रास्ता बंद नहीं हुआ है। अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 दाखिल कर नाम जुड़वाने का दावा कर सकेंगे।
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