सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – ITDC India Epress/ITDC News, भोपाल: भारत के रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। पारंपरिक महानगरों से आगे अब टियर-2 शहर विकास के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। हालिया उद्योग रिपोर्टों में कई उभरते शहरों में आवासीय मांग, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई है।

CRISIL Intelligence के अनुसार, 10 प्रमुख टियर-2 शहरों में आवासीय मांग वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2026 के बीच 14% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ी। इसी अवधि में नागपुर, कोयंबटूर और लखनऊ में मांग वृद्धि करीब 20% रही।

सितंबर 2026 में जारी CII – Knight Frank India की रिपोर्ट ने भी 11 उभरते बाजारों की बढ़ती गति को रेखांकित किया। इनमें भोपाल, इंदौर, जयपुर, लखनऊ, नागपुर, कोच्चि, कोयंबटूर और विशाखापत्तनम शामिल हैं। इन बाजारों में 2021 से 2026 के बीच आवासीय कीमतें 63% बढ़ीं, जबकि भारत के शीर्ष आठ शहरों में यह वृद्धि 42% रही।

इस बदलाव को बेहतर सड़कें, हवाईअड्डे, मेट्रो नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार केंद्रों के विस्तार से सहारा मिल रहा है। अपेक्षाकृत कम भूमि लागत और बड़े भूखंडों की उपलब्धता भी डेवलपर्स को आकर्षित कर रही है, जिससे प्लॉटेड प्रोजेक्ट, बड़े घर और इंटीग्रेटेड कम्युनिटी विकसित करना संभव हो रहा है।

हालांकि, यह वृद्धि हर बाजार में समान नहीं है। संपत्ति कीमतों में तेजी, निर्माण लागत, इन्वेंटरी स्तर, रोजगार अवसर और रीसेल लिक्विडिटी अलग-अलग बाजारों के लिए अहम कारक बने हुए हैं। विश्लेषकों ने यह भी आगाह किया है कि आगे की वृद्धि सिर्फ बुनियादी ढांचे पर नहीं, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों की मजबूती पर निर्भर करेगी।

उभरता रुझान बताता है कि भारत में रियल एस्टेट वृद्धि अब ज्यादा व्यापक रूप से फैल रही है और टियर-2 शहर आवासीय विकास के अगले चरण को आकार देने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।


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